जालंधर -(मनदीप कौर)- जालंधर के श्रीराम अस्पताल में TB से पीड़ित 18 वर्षीय युवती के इलाज को लेकर देर रात परिजनों और अस्पताल प्रशासन के बीच हंगामे का मामला सामने आया है। मामले में मरीज के परिजनों ने अस्पताल में इलाज के दौरान बने करीब 47 हजार रुपये के बिल को लेकर सवाल उठाए।
परिजनों के अनुसार, युवती की तबीयत काफी गंभीर थी और उसकी मां पिछले कुछ समय से आर्थिक परेशानियों के कारण उसे नियमित दवा नहीं दे पा रही थी। परिवार का कहना है कि अस्पताल में करीब चार दिन इलाज के बाद 47 हजार रुपये का बिल बनाया गया।

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परिजनों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने बिल जमा करने में असमर्थता जताई तो अस्पताल में विवाद की स्थिति पैदा हो गई और बाहर से कुछ लोगों को बुलाकर हंगामा करवाया गया। हालांकि, अस्पताल के डॉक्टर ने इन आरोपों का खंडन किया और कहा कि मामले को लेकर अस्पताल की ओर से मरीज के इलाज में मदद की गई।
बताया गया कि विवाद के दौरान पुलिस को भी सूचना दी गई। इसके बाद मामले में हस्तक्षेप हुआ और मरीज को उसके परिजनों के हवाले कर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। अस्पताल की ओर से 47 हजार रुपये की पेमेंट भी माफ किए जाने की बात सामने आई है।
मरीज के परिजनों का कहना है कि उनकी ओर से किसी बाहरी व्यक्ति को हंगामा करने के लिए नहीं बुलाया गया था। वहीं अस्पताल प्रशासन की ओर से लगाए गए आरोपों को गलत बताया गया है।
फिलहाल पूरे मामले में दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। इसलिए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

