जालंधर -(मनदीप कौर)- नकोदर के पूर्व सब-पोस्टमास्टर संजीव कुमार को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में मोहाली की विशेष अदालत ने दोषी ठहराया है। अदालत ने 14 सितंबर को सुनाए फैसले में उन्हें 1 साल 6 महीने की जेल और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में अतिरिक्त कैद का भी प्रावधान किया गया है।
ED के अनुसार, यह मामला करीब 8 साल तक चली जांच से जुड़ा है। एजेंसी के मुताबिक जांच में सामने आया कि कथित तौर पर फर्जी सेविंग अकाउंट और अन्य खातों के जरिए सरकारी धन में हेरफेर किया गया था।

3.40 करोड़ रुपये के सरकारी नुकसान का आरोप
ED की जांच के अनुसार, संजीव कुमार पर 54 फर्जी सेविंग अकाउंट खोलकर सरकारी खजाने को करीब 3.40 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप था।
जांच एजेंसी के मुताबिक 41 सेविंग अकाउंट में कथित हेरफेर से करीब 2.79 करोड़ रुपये, 51 RD अकाउंट में करीब 1.89 करोड़ रुपये और PPF व टर्म डिपॉजिट समेत अन्य खातों में कथित हेरफेर के जरिए करीब 8.48 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी सामने आई थी।
2018 में CBI की FIR के बाद शुरू हुई जांच
ED के अनुसार, मामले की जांच 1 फरवरी 2018 को CBI द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई थी। FIR में धोखाधड़ी, सरकारी धन के गबन और पद के कथित दुरुपयोग से जुड़े आरोप लगाए गए थे।
जांच के दौरान ED ने करीब 42 लाख रुपये की चल-अचल संपत्तियों को मार्च 2025 के Provisional Attachment Order के तहत अटैच किया था। इस अटैचमेंट की पुष्टि 20 अगस्त 2025 को हुई थी।
अदालत ने संपत्ति बहाली को लेकर भी दिया निर्देश
अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आरोपी से वसूल की गई राशि को Superintendent of Post Offices, Kapurthala Division के कार्यालय में जमा कराया जाए।
इसके साथ ही संबंधित विभाग को PMLA की धारा 8(8) और संपत्ति की बहाली के नियम, 2016 के तहत अटैच की गई संपत्ति की बहाली के लिए आवेदन करने का अधिकार दिया गया है।

