जालंधर -(मनदीप कौर)- SGPC सदस्य अमरजीत सिंह चावला से जुड़े मामले को लेकर सिख संगठनों और नेताओं की ओर से SGPC की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में 24 सितंबर 2026 को 51 सदस्यों का एक जत्था SGPC प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी के होशियारपुर स्थित पैतृक घर जाने का ऐलान किया गया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेताओं ने कहा कि वहां SGPC प्रधान से मामले को लेकर पांच सवाल पूछे जाएंगे और प्रशासनिक स्तर पर कथित चूक की जिम्मेदारी तय करने की मांग की जाएगी।

अमरजीत सिंह चावला मामले में 21 अगस्त को FIR
उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, श्री आनंदपुर साहिब पुलिस स्टेशन में 21 अगस्त को एक महिला की शिकायत के आधार पर अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। FIR में BNS की धारा 64, 127(2) और 351(2) के तहत आरोप दर्ज किए गए। चावला ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया और बाद में SGPC सदस्यता तथा SAD के पदों से इस्तीफा देने की घोषणा की थी।
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मामले में SGPC से जुड़े दो कर्मचारियों के नाम सामने आने के बाद SGPC ने अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी मलकीत सिंह और ड्राइवर मोहन सिंह को निलंबित किया था तथा विस्तृत जांच के निर्देश दिए थे।
नेताओं ने SGPC प्रधान से मांगे जवाब
प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेताओं ने आरोप लगाया कि महिला की शिकायत और मामले से जुड़ी घटनाओं को लेकर SGPC के स्तर पर क्या जानकारी थी, इसकी स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
उन्होंने SGPC प्रधान हरजिंदर सिंह धामी से मामले में प्रशासनिक जिम्मेदारी और शिकायतों पर हुई कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा।
नेताओं ने यह भी कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से होगा और इसका उद्देश्य पूरे मामले में जवाबदेही तय करवाना है।
24 सितंबर को पैतृक घर जाने का ऐलान
नेताओं के अनुसार, 24 सितंबर को 51 सदस्यीय सिख जत्था हरजिंदर सिंह धामी के होशियारपुर स्थित पैतृक घर जाएगा। वहां पांच सवालों के जवाब मांगने के साथ कथित चूक की जिम्मेदारी तय करने की मांग रखी जाएगी।
इसके बाद SGPC के अन्य पदाधिकारियों और तख्त साहिबान के जत्थेदारों तक भी पहुंचकर जवाब मांगने की बात कही गई है।
अकाल तख्त के फैसले के बाद मामला और चर्चा में
इस बीच 20 सितंबर को अकाल तख्त ने अमरजीत सिंह चावला को खालसा पंथ से निष्कासित करने का फैसला सुनाया। चावला ने इसके बाद फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका पक्ष सुने बिना कार्रवाई की गई और मामले में निष्पक्ष जांच की जरूरत है।
फिलहाल पुलिस की FIR और संबंधित जांच अपनी प्रक्रिया के अनुसार जारी है। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

