मोहाली -(मनदीप कौर)- पंजाब के शहरी विकास विभाग के मुख्य केंद्र मोहाली स्थित ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के कार्यालय में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने अचानक दबिश दी। जानकारी के मुताबिक ED की टीम कई वाहनों में कार्यालय पहुंची और जांच शुरू की।
बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई के दौरान जालंधर, चंडीगढ़ और दिल्ली से पहुंची ED की टीमें भी शामिल हैं। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की सुरक्षा के बीच ED अधिकारियों ने कार्यालय परिसर को अपने नियंत्रण में लेकर जांच शुरू की।

चर्चित सेमिट मामले से जुड़ी जांच
सूत्रों के मुताबिक ED की इस कार्रवाई का मुख्य फोकस चर्चित ‘सेमिट’ मामले से जुड़े दस्तावेजों और फाइलों की जांच करना है। इसके अलावा जमीन के इस्तेमाल में बदलाव यानी CLU की मंजूरी से संबंधित मामलों में कथित अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं।
जांच टीम द्वारा कार्यालय में मौजूद संबंधित फाइलों और दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।
अधिकारियों के मोबाइल फोन किए गए जब्त
कार्रवाई के दौरान GMADA के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की आवाजाही पर रोक लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। साथ ही, खबर के मुताबिक कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के मोबाइल फोन भी तत्काल प्रभाव से जब्त किए गए, ताकि जांच के दौरान बाहरी संपर्क को सीमित रखा जा सके।
ED अधिकारियों ने GMADA के वरिष्ठ अधिकारियों को पूछताछ के लिए हाउसिंग सेक्रेटरी के कमरे में बुलाया।
कई वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ
जांच के दायरे में GMADA के एस्टेट ऑफिसर, एडिशनल चीफ एडमिनिस्ट्रेटर और चीफ इंजीनियर समेत कई अधिकारियों के शामिल होने की जानकारी है।
फिलहाल कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है और अंदर दस्तावेजों की जांच का सिलसिला जारी बताया जा रहा है।
जमीन और CLU से जुड़े दस्तावेजों की जांच
बताया जा रहा है कि ED की टीम उन फाइलों और दस्तावेजों की भी जांच कर रही है, जिनमें निजी रियलटर्स और बिल्डरों को नियमों के विपरीत जमीन के इस्तेमाल में बदलाव यानी CLU की मंजूरी देने से जुड़े आरोप हैं।
हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और कार्रवाई के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों तथा ED की आधिकारिक जानकारी के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

