चंडीगढ़ -(मनदीप कौर)- पंजाब की राजनीति में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। पंजाब की ड्राफ्ट मतदाता सूची में राघव चड्ढा का नाम नहीं होने के बाद उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़ते हुए पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल उठाए हैं। वहीं AAP ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनाव आयोग की प्रक्रिया है और इसमें पंजाब सरकार की कोई भूमिका नहीं है।
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में ‘Permanently Shifted’ दर्ज

SIR यानी Special Intensive Revision के तहत जारी पंजाब की ड्राफ्ट मतदाता सूची में राघव चड्ढा की एंट्री ‘permanently shifted’ के तौर पर दर्ज बताई गई है। इसी को लेकर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यह सामान्य गलती नहीं बल्कि राजनीतिक बदले की कार्रवाई है।
यह भी पढ़े:-पंजाब किसान मोर्चा: आज अहम बैठक, आंदोलन बढ़ने के संकेत
चड्ढा का कहना है कि वह पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और उनका वोटर रजिस्ट्रेशन मोहाली में रहा है। उन्होंने मतदाता सूची में अपने नाम की स्थिति को लेकर चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
AAP ने आरोपों पर दिया जवाब
AAP ने राघव चड्ढा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि SIR की प्रक्रिया चुनाव आयोग द्वारा कराई जा रही है। पार्टी का कहना है कि अगर चड्ढा अब दिल्ली में रहते हैं तो उन्हें अपने वोटर रजिस्ट्रेशन को लेकर जरूरी प्रक्रिया खुद पूरी करनी चाहिए थी।
AAP ने यह भी दावा किया है कि चड्ढा ने दिल्ली में पिछली तारीख से वोटर रजिस्ट्रेशन कराने की कोशिश की थी और इस मामले की जांच की मांग की है। ये AAP के आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अंतिम मतदाता सूची अभी बाकी
महत्वपूर्ण बात यह है कि फिलहाल यह ड्राफ्ट मतदाता सूची है, अंतिम सूची नहीं। SIR के तहत जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया गया है। राघव चड्ढा का नाम भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोबारा शामिल कराया जा सकता है। पंजाब की अंतिम SIR मतदाता सूची 12 अक्टूबर 2026 को जारी होने वाली है।
पंजाब की राजनीति में बढ़ सकती है गर्मी
राघव चड्ढा पहले AAP के राज्यसभा सांसद रहे हैं और अप्रैल 2026 में BJP में शामिल हो चुके हैं। ऐसे में पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में उनका नाम हटने का मामला राजनीतिक रूप से भी काफी अहम हो गया है। चड्ढा के आरोपों और AAP के पलटवार के बाद आने वाले दिनों में यह विवाद और तेज होने की संभावना है।
डिस्क्लेमर: खबर में राघव चड्ढा और AAP की ओर से लगाए गए आरोपों व बयानों को उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर शामिल किया गया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि को तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।

