नई दिल्ली:-(मनदीप कौर)- भारत और बेल्जियम ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वीवर के बीच नई दिल्ली में हुई बातचीत के दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य भी रखा है।
रक्षा क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग

भारत और बेल्जियम ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने का फैसला किया है। दोनों देशों के रक्षा मंत्रालयों के बीच एक Letter of Intent पर सहमति बनी है, जिसके तहत सैन्य आदान-प्रदान, प्रशिक्षण, शिक्षा, शोध और रक्षा उद्योगों के बीच साझेदारी को बढ़ावा दिया जाएगा।
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इसके साथ ही रक्षा तकनीक, नवाचार, संयुक्त विकास और संयुक्त उत्पादन के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाशने पर भी सहमति बनी है।
पांच साल में दोगुना होगा व्यापार
बैठक में भारत और बेल्जियम ने आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाई देने पर जोर दिया। दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है।
निवेश को आसान बनाने के लिए Investment Fast-Track Mechanism शुरू करने पर भी सहमति बनी है। इसका उद्देश्य बेल्जियम की कंपनियों के भारत में निवेश को सुविधाजनक और तेज बनाना है।
डायमंड ट्रेड और नई टेक्नोलॉजी पर भी फोकस
भारत और बेल्जियम के बीच लंबे समय से चल रहे डायमंड ट्रेड को भी महत्वपूर्ण माना गया। एंटवर्प को मुंबई और सूरत से जोड़ने वाले इस कारोबारी रिश्ते को और मजबूत करने पर दोनों देशों ने सहमति जताई।
इसके अलावा सेमीकंडक्टर, फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स, क्रिटिकल मिनरल्स, रिसर्च और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में भी चर्चा हुई।
स्वच्छ ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा पर भी साझेदारी
भारत और बेल्जियम ने स्वच्छ ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और बंदरगाहों से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया। दोनों देश महत्वपूर्ण खनिजों और टिकाऊ उद्योगों में नई साझेदारी के अवसर तलाशेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वीवर की बैठक को दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

