मोगा -(मनदीप कौर )- मोगा में विजीलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सिंचाई विभाग के दो कर्मचारियों को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों कर्मचारी एक युवक को विभाग में बेलदार की नौकरी दिलाने के बदले रकम की मांग कर रहे थे।
शिकायतकर्ता सोनी ने विजीलेंस ब्यूरो को बताया कि विभाग में तैनात बेलदार वीर सिंह और गेज रीडर जगदेव सिंह ने उसके बेटे माहिन कायत को नौकरी दिलाने के लिए पहले 5-6 लाख रुपये की मांग की थी।

पैसे देने के बाद भी नहीं मिली नौकरी
शिकायत के मुताबिक, नौकरी लगवाने के नाम पर आरोपी कर्मचारियों को पहले ही करीब साढ़े पांच लाख रुपये दिए जा चुके थे। इसके बावजूद युवक को नियुक्ति पत्र नहीं मिला।
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इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर नियुक्ति पत्र दिलाने के लिए दोबारा 50 हजार रुपये की मांग की। इसी शिकायत के आधार पर विजीलेंस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की योजना बनाई।
सरकारी गवाहों के सामने रंगे हाथ पकड़े
विजीलेंस टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। वीर सिंह और जगदेव सिंह को सरकारी गवाहों की मौजूदगी में 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
मामले में फिरोजपुर के विजीलेंस ब्यूरो थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। विजीलेंस अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों से पूछताछ की जाएगी और उन्हें अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लेने की कार्रवाई की जाएगी।
विजीलेंस की कार्रवाई से मचा हड़कंप
यह कार्रवाई डीएसपी सोहन सिंह और इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह की निगरानी में की गई। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों पर विजीलेंस ब्यूरो गंभीरता से कार्रवाई कर रहा है।
अब जांच में यह भी सामने आने की उम्मीद है कि नौकरी दिलाने के नाम पर रकम मांगने के मामले में दोनों आरोपियों की भूमिका कितनी बड़ी थी और इस पूरे मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।

