जालंधर -(मनदीप कौर)- जालंधर बस्ती दानिशमंदा स्थित राम शरणम आश्रम के साथ पढ़ती नहला पुली के रिहायशी इलाके में बन रही विवादित हैंड टूल फैक्ट्री एक बार फिर सुर्खियों में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बावजूद निर्माण कार्य नहीं रुका और आज फैक्ट्री पूरी तरह तैयार होकर खड़ी है। ऐसे में नगर निगम की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय निवासियों के अनुसार फैक्ट्री निर्माण को लेकर पहले भी कई शिकायतें की गई थीं। शिकायतों के बाद नगर निगम की ओर से निर्माण कार्य संबंधी नोटिस भी जारी किया गया था। इसके बावजूद निर्माण कार्य लगातार जारी रहा और देखते ही देखते पूरा औद्योगिक ढांचा तैयार कर दिया गया। अब फैक्ट्री भवन के साथ मुख्य गेट भी लगाया जा चुका है और यूनिट शुरू करने की तैयारियां लगभग पूरी बताई जा रही हैं।
लोगों का कहना है कि पहले सड़क की ओर केवल एक ऊंची दीवार दिखाई देती थी, लेकिन दीवार के पीछे बड़े स्तर पर निर्माण कार्य चलता रहा। हैरानी की बात यह है कि संबंधित विभागों को इसकी जानकारी होने के बावजूद निर्माण कार्य को समय रहते नहीं रोका गया।
इस मामले ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि नगर निगम को निर्माण की जानकारी थी और संबंधित पक्ष को नोटिस भी जारी किया गया था, तो फिर निर्माण कार्य आखिर कैसे जारी रहा? क्या अधिकारियों की निगरानी में लापरवाही हुई या फिर नियमों को दरकिनार कर किसी के संरक्षण में यह निर्माण पूरा किया गया?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रिहायशी इलाके में फैक्ट्री शुरू होने से प्रदूषण, ट्रैफिक और शोर-शराबे की समस्या बढ़ सकती है। इसके अलावा नगर निगम को भवन निर्माण नियमों और अन्य मंजूरियों से जुड़े राजस्व का भी भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
निवासियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि नोटिस जारी होने के बाद भी निर्माण कार्य क्यों नहीं रुका। साथ ही उन अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए जिनकी निगरानी में यह निर्माण पूरा हुआ।
अब देखना यह होगा कि नगर निगम इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही तय की जाती है या फिर मामला एक बार फिर फाइलों में दबकर रह जाएगा।

