बरनाला -(मनदीप कौर)- पंजाब में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। शिरोमणि अकाली दल को छोड़कर अब बरनाला से चुनाव लड़ चुके गुरदीप बाठ के वारिस पंजाब दे में शामिल होने की जानकारी सामने आ रही है। गुरदीप बाठ की एंट्री को पंजाब की राजनीति में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।

आम आदमी पार्टी छोड़कर लड़ा था चुनाव
गुरदीप बाठ ने आम आदमी पार्टी से बगावत कर आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। अब उनके वारिस पंजाब दे के साथ जुड़ने की चर्चा है। इससे संगठन को बरनाला और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक आधार मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
यह भी पढ़े:-पूर्व राजदूत रमेश चंद्र को SIR का नोटिस, भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए मांगे अतिरिक्त दस्तावेज
बाबा बेली भी वारिस पंजाब दे में हो सकते हैं शामिल
गुरदीप बाठ के अलावा पंजाबी गीतकार और गायक बाबा बेली के भी वारिस पंजाब दे में शामिल होने की जानकारी सामने आ रही है। बाबा बेली पंजाबी संगीत जगत में अपनी अलग पहचान रखते हैं और उनके लिखे गीतों को श्रोताओं के बीच काफी पसंद किया जाता है।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले बदलेगा पंजाब का सियासी समीकरण?
गुरदीप बाठ और बाबा बेली जैसे चेहरों के वारिस पंजाब दे के साथ जुड़ने से 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो सकती है। दोनों की संभावित एंट्री से संगठन के राजनीतिक आधार को कितना फायदा मिलेगा, यह आने वाले समय में साफ होगा।
बरनाला की राजनीति पर भी पड़ेगा असर
गुरदीप बाठ बरनाला से चुनाव लड़ चुके हैं। ऐसे में वारिस पंजाब दे में उनकी संभावित एंट्री का असर बरनाला की स्थानीय राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है। पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों और संगठनों की ओर से नए चेहरों को जोड़ने का सिलसिला तेज होने
की संभावना है।

