चंडीगढ़ – ( मनदीप कौर)- पंजाब के किसानों से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। चंडीगढ़ में 1 से 7 सितंबर तक किसानों का धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। फोटो में दी गई जानकारी के मुताबिक प्रशासन की ओर से धरना लगाने की मंजूरी दे दी गई है।
किसान संगठन इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार भी संयुक्त किसान मोर्चा पंजाब की ओर से 1 सितंबर से चंडीगढ़ में प्रस्तावित मोर्चे को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ चंडीगढ़ पहुंचेंगे किसान
फोटो में दी गई जानकारी के अनुसार किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ चंडीगढ़ पहुंचकर धरना लगाएंगे। धरने के लिए सेक्टर 48-49 के आसपास जगह तय किए जाने की बात कही गई है।
यह भी पढ़े:- अमृतसर में 27 वर्षीय युवक की रहस्यमय मौत, परिवार का आरोप- 15-16 लोगों ने धारदार हथियारों से किया हमला
किसान संगठनों की ओर से पंजाब की विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के सामने अपनी आवाज बुलंद करने की तैयारी है। इससे पहले भी किसान संगठनों की ओर से एमएसपी, किसानों की आर्थिक समस्याओं, पानी और अन्य कृषि मुद्दों को लेकर मांगें उठाई जाती रही हैं। जून में SKM प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के राज्यपाल को एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्ज राहत, जल संरक्षण और फसल बीमा समेत कई मांगों का ज्ञापन सौंपा था।
बलबीर सिंह राजेवाल ने कही बड़ी बात
फोटो में किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल के हवाले से कहा गया है कि धरने के दौरान किसी भी कीमत पर कानून-व्यवस्था को खराब नहीं होने दिया जाएगा।
किसान नेताओं की ओर से पंजाब के किसानों, मजदूरों और आम लोगों से इस संघर्ष में बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील भी की गई है। 24 अगस्त की रिपोर्ट के मुताबिक 1 सितंबर के चंडीगढ़ मोर्चे को सफल बनाने के लिए किसान नेताओं की बैठक में अलग-अलग तैयारियों के लिए कमेटियां भी बनाई गई हैं।
किसान आंदोलन को लेकर बढ़ी हलचल
चंडीगढ़ में प्रस्तावित धरने को लेकर किसान संगठनों के बीच तैयारियां तेज हैं। हालांकि, इस प्रस्तावित मोर्चे को लेकर कुछ किसान संगठनों के बीच मतभेद भी सामने आए हैं। कुछ संगठनों ने पानी से जुड़े मुद्दे पर 1 सितंबर के प्रदर्शन से खुद को अलग बताया है।
ऐसे में अब सभी की नजर 1 सितंबर से शुरू होने वाले किसान धरने पर रहेगी और यह भी महत्वपूर्ण होगा कि प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की ओर से ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या इंतजाम किए जाते हैं।

