लुधियाना -(मनदीप कौर)- चीमा चौक से समराला चौक रोड पर दिनदहाड़े फोटोग्राफर के साथ कथित तौर पर गुंडागर्दी, धमकाने और जबरन वसूली की कोशिश का मामला सामने आया है। पीड़ित फोटोग्राफर हैरी के अनुसार, घटना 18 अगस्त की दोपहर करीब 12:26 बजे से 12:33 बजे के बीच की है।
बताया गया है कि फोटोग्राफर चीमा चौक से समराला चौक की तरफ जा रहा था। इसी दौरान क्लब फैक्ट्री आउटलेट के पास एक्टिवा सवार युवकों ने उसकी चलती कार पर कथित तौर पर हमला किया।

एक्टिवा सवार युवकों ने कार रोककर दी धमकी
पीड़ित के अनुसार, एक्टिवा सवार युवकों ने कार के कंडक्टर साइड के शीशे पर दो-तीन बार जोर से वार किया। इसके बाद उन्होंने एक्टिवा आगे लगाकर कार को रोक दिया।
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पीड़ित का आरोप है कि कार रुकने के बाद दोनों तरफ से घेरकर युवकों ने धमकाया और कहा कि “बाबा जी गुस्से में हैं, घाटा ला देंगे।” पीड़ित के मुताबिक, जब उसने जरूरी काम से जाने की बात कही तो आरोपियों ने नई गाड़ी लेने और ‘बाबा जी के चरण’ डालने जैसी बातें कहीं।
20 किलो आटा खरीदने का बनाया दबाव
पीड़ित के अनुसार, जब उसने नकदी नहीं होने की बात कही तो आरोपियों ने उसे दुकान से 20 किलो आटा खरीदकर देने का दबाव बनाया। किसी तरह वहां से निकलने के बाद भी आरोपियों ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया।
पीड़ित ने अपनी सुरक्षा के लिए मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू किया। इसके बाद आरोपियों ने रास्ता बदल लिया और वहां से फरार हो गए।
पीड़ित ने पुलिस को दी लिखित शिकायत
घटना के बाद पीड़ित सीधे मोती नगर पुलिस थाने पहुंचा और मामले की लिखित शिकायत दर्ज करवाई। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने केवल उसकी गाड़ी पर हमला नहीं किया, बल्कि खुलेआम धमकियां भी दीं और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया।
पीड़ित और उसके साथियों ने पुलिस प्रशासन से मामले की फुटेज खंगालकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
पीड़ित ने आरोपियों की पहचान को लेकर भी किया दावा
पीड़ित ने पुलिस को दी शिकायत के अलावा पत्रकार साथियों और जानकारों के हवाले से यह दावा किया है कि घटना में शामिल लोग असल निहंग सिंह नहीं हैं, बल्कि कथित तौर पर निहंग बाणे का इस्तेमाल कर राहगीरों को डराने और उगाही करने वाले असामाजिक तत्व हैं।
हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही घटना में शामिल लोगों की पहचान और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल मामले में पीड़ित की शिकायत और उसके द्वारा बताए गए घटनाक्रम के आधार पर पुलिस कार्रवाई का इंतजार है। घटना से संबंधित वीडियो फुटेज और आसपास के संभावित CCTV कैमरों की जांच से मामले में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और उन पर किन धाराओं के तहत कार्रवाई की जाती है।

