जालंधर -(मनदीप कौर)- पंजाब गौ सेवा कमीशन के उप चेयरमैन कीमती भगत ने जगतार सिंह हवारा की पैरोल, 21 अगस्त के ‘पंजाब बंद’ के आह्वान और चंडीगढ़ में कौमी मोर्चा के नौजवानों की गिरफ्तारी को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
जगतार सिंह हवारा की पैरोल के मुद्दे पर कीमती भगत ने कहा कि इस मामले को मानवता के नजरिए से देखा जाना चाहिए। उन्होंने पंजाब और केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि अदालत के फैसलों और अतीत की गलतियों में जाए बिना मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।

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कीमती भगत ने कहा कि जगतार सिंह हवारा अपनी सजा का एक बड़ा हिस्सा काट चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी माता जी बेहद वृद्ध हैं और गंभीर रूप से बीमार हैं। ऐसे में अगर उन्हें पैरोल मिलती है तो इससे कानून-व्यवस्था की कोई समस्या पैदा नहीं होगी।
21 अगस्त के ‘पंजाब बंद’ का विरोध
‘वारिस पंजाब दे’ की ओर से 21 अगस्त को दिए गए ‘पंजाब बंद’ के आह्वान पर कीमती भगत ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि इन दिनों नवरात्र चल रहे हैं और देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु माता चिंतपूर्णी, ज्वाला जी, चामुंडा देवी, नैना देवी और वैष्णो देवी के दर्शन के लिए हिमाचल और अन्य धार्मिक स्थलों पर जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 21 और 22 अगस्त नवरात्र के अंतिम दिन हैं, जबकि 23-24 अगस्त को श्रद्धालुओं की वापसी होगी। ऐसे में बंद के कारण हिमाचल से लौटने वाले श्रद्धालुओं और बच्चों को लंबे जाम में फंसना पड़ सकता है, जिससे पंजाब का माहौल भी प्रभावित होगा।
किसानों से भी की बंद पर पुनर्विचार की अपील
किसान संगठनों की ओर से बंद को दिए गए समर्थन पर कीमती भगत ने कहा कि किसान नेता भी उनके पंजाबी भाई हैं। उन्होंने किसान संगठनों से हिंदू समुदाय की भावनाओं और श्रद्धालुओं की व्यावहारिक परेशानियों को ध्यान में रखते हुए बंद के समर्थन पर पुनर्विचार करने की अपील की।
चंडीगढ़ में नौजवानों की गिरफ्तारी पर भी दी प्रतिक्रिया
चंडीगढ़ में कौमी मोर्चा के नौजवानों की गिरफ्तारी के मुद्दे पर कीमती भगत ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन केंद्र सरकार के अधीन आता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से राज्यपाल को ज्ञापन देने का अधिकार सभी को है।
उन्होंने कहा कि यदि नौजवान शांतिपूर्ण ढंग से राज्यपाल को ज्ञापन देने जा रहे थे तो केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासन को इस मामले को संवेदनशीलता के साथ संभालना चाहिए था।
क्या है पूरा मामला?
जगतार सिंह हवारा की पैरोल और 21 अगस्त के ‘पंजाब बंद’ के आह्वान को लेकर पंजाब में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच कीमती भगत ने बंद से आम लोगों, यात्रियों और धार्मिक स्थलों से लौटने वाले श्रद्धालुओं को होने वाली संभावित परेशानी का हवाला देते हुए बंद पर पुनर्विचार की अपील की है।
फिलहाल इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और आगे की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।

