हाजीपुर/जालंधर -(मनदीप कौर)- हाजीपुर रिश्वत मामला उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने ब्लॉक प्राइमरी शिक्षा अधिकारी (बीपीईओ) कार्यालय में तैनात एक क्लर्क को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान गगनदीप सिंह के रूप में हुई है। विजिलेंस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता की पत्नी कुलजीत कौर सरकारी एलिमेंट्री स्कूल, सहौड़ा कंडी में ईटीटी अध्यापिका हैं। उनका पैतृक गांव जिला मालेरकोटला में है, जबकि उनकी वर्तमान तैनाती हाजीपुर क्षेत्र में है। दोनों स्थानों के बीच करीब 250 किलोमीटर की दूरी होने के कारण परिवार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। उनकी नौ महीने की बेटी की देखभाल के लिए कुलजीत कौर ने चाइल्ड केयर लीव के लिए आवेदन किया था।

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शिकायत में आरोप लगाया गया कि बीपीईओ कार्यालय में तैनात क्लर्क गगनदीप सिंह ने छुट्टी मंजूर कराने के बदले 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने पूरे मामले की जानकारी पंजाब विजिलेंस ब्यूरो को दे दी।
इसके बाद विजिलेंस ब्यूरो ने योजना बनाकर ट्रैप लगाया। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता जब क्लर्क को रिश्वत की रकम देने पहुंचा तो पहले से मौजूद होशियारपुर और नवांशहर की संयुक्त विजिलेंस टीम ने आरोपी को 10 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
हाजीपुर रिश्वत मामला में विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और यदि जांच में किसी अन्य कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हाजीपुर रिश्वत मामला भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है और इससे सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी पर सख्ती का संदेश गया है।

