जालंधर -( मनदीप कौर)- पंजाब की राजनीति में इस समय बड़ा बदलाव दिख रहा है। AAP के कई सांसदों को लेकर विवाद बढ़ गया है।सबसे पहले, केंद्र सरकार ने अशोक मित्तल को सुरक्षा दी। इसके बाद यह मुद्दा और चर्चा में आ गया।
वहीं, 26 अप्रैल को पंजाब सरकार ने हरभजन सिंह की सुरक्षा हटा दी। उनके घर से पुलिस कर्मियों को तुरंत वापस बुलाया गया।लेकिन इसके तुरंत बाद केंद्र सरकार ने उन्हें CRPF सुरक्षा दे दी। इसलिए यह मामला और ज्यादा गंभीर हो गया।अब तक हरभजन सिंह ने कोई बयान नहीं दिया है। इसलिए उनके भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
इसके अलावा राघव चड्ढा का नाम भी चर्चा में है। उनकी सुरक्षा भी पहले हटाई गई थी। बाद में केंद्र ने उसे फिर से बहाल किया।इसी बीच विक्रमजीत साहनी ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनसे इस्तीफा मांगा गया था। हालांकि, उन्होंने अभी फैसला नहीं लिया।उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब मुश्किल दौर से गुजर रहा है। इसलिए केंद्र के सहयोग की जरूरत है।
दूसरी तरफ संत सीचेवाल ने साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि वह किसी भी नए ग्रुप में शामिल नहीं होंगे।कुल मिलाकर, AAP में चल रहा यह विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है। आने वाले समय में इसका असर चुनाव पर भी पड़ सकता है।

