अमृतसर -(मनदीप कौर)- पंजाब में सरकारी कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इसके तहत अलग-अलग सरकारी विभागों के कर्मचारी जॉइंट एम्प्लाइज फोरम के नेतृत्व में जिला प्रशासनिक परिसर और DC ऑफिस के बाहर एकत्र हुए और पंजाब सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार के सामने आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी मांगों पर कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना को दोबारा लागू करना, अस्थायी और अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) कर्मचारियों को पक्का करना, समान काम के लिए समान वेतन, ग्रेच्युटी सहित उचित अधिकार देना और नए भर्ती कर्मचारियों की प्रोबेशन अवधि कम करना शामिल है।
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कर्मचारियों ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों से समान वेतन और अनुबंध प्रणाली को खत्म करने जैसे वादे किए थे, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में कर्मचारी अनुबंध और आउटसोर्सिंग के आधार पर काम कर रहे हैं।
पवन बियाला ने जताया संघर्ष का समर्थन
नेशनल हेल्थ मिशन से जुड़े पवन बियाला भी कर्मचारियों के संघर्ष का समर्थन करने के लिए प्रदर्शन में पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह जॉइंट एम्प्लाइज फोरम के संघर्ष का समर्थन करने के लिए यहां आए हैं।
वहीं ESI नर्सिंग यूनियन की अध्यक्ष मनिंदर कौर ने कहा कि सरकारी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हैं।
फिरोजपुर में भी कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
उधर, फिरोजपुर में भी अलग-अलग सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया और DC ऑफिस के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर कोई ठोस ध्यान नहीं दे रही है।
कर्मचारियों की नजरें अब मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ होने वाली बैठक पर टिकी हुई हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार को इस बैठक में उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए कोई फैसला लेना चाहिए।

