पंजाब -(मनदीप कौर)-पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र आज सुबह 11 बजे शुरू होने जा रहा है। इस सत्र में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी से जुड़े मामलों पर कानून को और सख्त बनाने के लिए संशोधन बिल पेश किया जाएगा। सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाने की तैयारी में है।
सूत्रों के मुताबिक, सदन की कार्यवाही हंगामेदार रहने की संभावना है। विपक्षी दल पहले ही इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुके हैं, जिससे बहस तेज होने के आसार हैं।
कैबिनेट से मिल चुकी है मंजूरी:-
शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक में “श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल-2026” को मंजूरी दे दी गई थी। इस बिल का मुख्य उद्देश्य धार्मिक ग्रंथों के सम्मान को बनाए रखना और बेअदबी की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
सजा का प्रावधान होगा और सख्त:-
सरकार द्वारा प्रस्तावित संशोधन के अनुसार:
- बेअदबी के मामलों में न्यूनतम 7 साल की सजा
- अधिकतम 20 साल या उम्रकैद तक की सजा
- दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई
सरकार का मानना है कि पहले के कानून में पर्याप्त सख्ती नहीं थी, जिसके कारण यह संशोधन लाया जा रहा है।
बिल पास होने के बाद क्या होगा?
यदि यह बिल विधानसभा में पास हो जाता है, तो इसे राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद यह कानून लागू हो जाएगा। सरकार का दावा है कि यह राज्य का विषय है, इसलिए राष्ट्रपति की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी।
अगर प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी होती है, तो यह कानून अप्रैल के अंत या मई की शुरुआत तक लागू हो सकता है।
पहले भी लाया गया था बिल –
गौरतलब है कि पंजाब में पिछले कुछ समय से बेअदबी की घटनाएं सामने आती रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अप्रैल 2025 में भी एक विधेयक पेश किया था, जिसमें 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान रखा गया था।
निष्कर्ष:-
सरकार अब इस संशोधन के जरिए कानून को और अधिक प्रभावी और सख्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि सदन में इस बिल पर क्या फैसला होता है और इसका क्या असर पड़ता है।

