तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने एक बार फिर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने मांग की है कि NEET परीक्षा को पूरी तरह समाप्त किया जाए, क्योंकि यह परीक्षा छात्रों के लिए मानसिक दबाव और असमानता का कारण बन रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जो छात्रों की प्रतिभा को आगे बढ़ाए, न कि उन्हें मानसिक तनाव में धकेले। उन्होंने आरोप लगाया कि NEET लागू होने के बाद से इसकी निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
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TVK का बयान
मुख्यमंत्री विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि NEET लागू होने के बाद से परीक्षा की विश्वसनीयता कमजोर हुई है। पार्टी का कहना है कि इस परीक्षा ने लाखों छात्रों को मानसिक तनाव में डाल दिया है और उनके मेडिकल शिक्षा के सपनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
TVK ने दावा किया कि मौजूदा व्यवस्था छात्रों के हित में नहीं है और इसे खत्म कर राज्य आधारित प्रवेश प्रणाली पर विचार किया जाना चाहिए।
राहुल गांधी की हिरासत पर भी बोले विजय
मुख्यमंत्री विजय ने संसद परिसर में हुए विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के मामले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करने की जरूरत बताते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का अहम हिस्सा है और राजनीतिक मतभेदों का समाधान संवाद के जरिए होना चाहिए।
NEET को लेकर पहले भी उठते रहे हैं सवाल
तमिलनाडु लंबे समय से NEET परीक्षा का विरोध करता रहा है। राज्य सरकार का तर्क है कि यह परीक्षा ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के साथ न्याय नहीं करती। इसी वजह से राज्य सरकार कई बार केंद्र से NEET को समाप्त करने या तमिलनाडु को इससे छूट देने की मांग कर चुकी है।

