नई दिल्ली:-(ब्यूरो रिपोर्ट)- देशभर के बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने आज, 11 सितंबर 2026 को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। यह हड़ताल United Forum of Bank Unions (UFBU) के बैनर तले की जा रही है। इससे खास तौर पर बैंक शाखाओं में होने वाले रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ने की संभावना है।

5 दिन की बैंकिंग व्यवस्था की मांग
बैंक यूनियनों की प्रमुख मांग 5-Day Banking Week लागू करने की है। यूनियनों का कहना है कि पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ा प्रस्ताव 2024 के द्विपक्षीय समझौते में शामिल था, लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है।
PLI स्कीम में बदलाव भी प्रमुख मुद्दा
हड़ताल का एक अन्य बड़ा मुद्दा Performance Linked Incentive (PLI) व्यवस्था है। बैंक यूनियनें मौजूदा PLI व्यवस्था में बदलाव और इसे लेकर उठाए गए सवालों पर समाधान की मांग कर रही हैं। इसके अलावा भर्ती, पेंशन और कर्मचारियों से जुड़े कई लंबित मुद्दे भी यूनियनों की मांगों में शामिल है।
ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?
हड़ताल के कारण कैश जमा/निकासी, चेक क्लियरेंस, KYC और अन्य शाखा आधारित सेवाओं में परेशानी या देरी हो सकती है। वहीं UPI, ATM, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है, हालांकि कुछ सेवाओं में तकनीकी या परिचालन संबंधी देरी संभव है।
आगे भी हो सकती है हड़ताल
UFBU ने 11 सितंबर के बाद 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का कार्यक्रम भी घोषित किया है। मांगों का समाधान नहीं होने की स्थिति में 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है।
ग्राहकों के लिए सलाह: अगर आपका कोई जरूरी बैंकिंग काम शाखा से जुड़ा है, तो बैंक जाने से पहले अपनी शाखा की स्थिति जरूर जांच लें और संभव हो तो डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल करें।

