चंडीगढ़:-( मनदीप कौर)- 2015 के बहबल कलां गोलीकांड मामले में जांच एक बार फिर तेज हो गई है। पंजाब पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को आज, 11 सितंबर को पूछताछ के लिए चंडीगढ़ बुलाया है। यह कुछ ही महीनों में SIT के सामने उनकी दूसरी पेशी है।
सुखबीर बादल इससे पहले 20 जुलाई 2026 को भी SIT के सामने पेश हुए थे। उस दौरान उनसे बहबल कलां और कोटकपूरा से जुड़े गोलीकांड मामलों को लेकर दो घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ हुई थी।

क्या है बहबल कलां गोलीकांड?
यह मामला साल 2015 में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाओं के विरोध में हुए प्रदर्शनों से जुड़ा है। बहबल कलां में प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस फायरिंग में दो प्रदर्शनकारियों की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे। इस घटना के बाद पंजाब की राजनीति में मामला बड़ा मुद्दा बन गया था।
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घटना के समय पंजाब में शिरोमणि अकाली दल और भाजपा गठबंधन की सरकार थी। सुखबीर सिंह बादल उस समय उपमुख्यमंत्री और गृह विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इसी वजह से जांच के दौरान उनसे तत्कालीन घटनाक्रम और फैसलों से जुड़े सवाल पूछे जा रहे हैं।
SIT के पास क्या हैं अहम सबूत?
रिपोर्टों के मुताबिक SIT के पास मामले से जुड़े कुछ अहम सबूत हैं। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 2015 की घटनाओं के दौरान फैसले किस स्तर पर लिए गए और पुलिस कार्रवाई से जुड़े घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका थी।
हालांकि, किसी व्यक्ति की भूमिका या जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
अकाली दल ने क्या कहा?
सुखबीर बादल और अकाली दल की ओर से SIT की कार्रवाई पर पहले सवाल उठाए जाते रहे हैं। पार्टी ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है और कहा है कि वह जांच में सहयोग करती रहेगी।
अब आज की पूछताछ में SIT किन सवालों पर जवाब लेती है और जांच में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

