कोलकाता:-(मनदीप कौर)- पश्चिम बंगाल के Nandigram विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद चुनावी माहौल में नया विवाद खड़ा हो गया है। यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब कुछ घंटे पहले ही ममता बनर्जी ने Nandigram में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने का ऐलान किया था।
ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार को दिया समर्थन

ममता बनर्जी ने शुक्रवार को घोषणा की कि उनकी पार्टी Nandigram उपचुनाव में अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगी और कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देगी। उनकी पार्टी की उम्मीदवार संचित्ता प्रधान डे ने इससे पहले अपना नामांकन वापस ले लिया था।
ममता ने इस फैसले को विपक्षी एकजुटता और INDIA गठबंधन के हित से जोड़कर बताया। Nandigram में विधानसभा उपचुनाव 6 अक्टूबर 2026 को होना है।
समर्थन के कुछ घंटे बाद मिलन प्रधान गिरफ्तार
ममता के समर्थन के ऐलान के कुछ ही घंटे बाद कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को पुलिस ने एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया। रिपोर्ट्स के अनुसार मामला 2007 के Nandigram भूमि आंदोलन से जुड़े एक पुराने हत्या मामले का है।
रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने मिलन प्रधान को पूर्व मेदिनीपुर के एक होटल से पकड़ा। उनके खिलाफ पुराने मामले में गिरफ्तारी वारंट होने की बात भी सामने आई है।
गिरफ्तारी के समय पर ममता ने उठाए सवाल
ममता बनर्जी ने गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनके समर्थन की घोषणा के तुरंत बाद पुराने मामले में कार्रवाई की गई। यह ममता बनर्जी और विपक्षी नेताओं का आरोप है, जबकि पुलिस की कार्रवाई पुराने मामले और गिरफ्तारी वारंट से जुड़ी बताई गई है।
कांग्रेस ने भी गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए हैं। मामले पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
Nandigram उपचुनाव क्यों महत्वपूर्ण?
Nandigram पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्र रहा है। आगामी उपचुनाव 6 अक्टूबर को प्रस्तावित है और ममता बनर्जी के कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने तथा मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद यहां चुनावी मुकाबले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं।

