नई दिल्ली:-(ब्यूरो रिपोर्ट)- ब्रिटिश नागरिक जगतार सिंह जोहल को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें 7 NIA मामलों में जमानत दे दी है। जोहल नवंबर 2017 से हिरासत में हैं और इस फैसले के बाद उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।
दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की पीठ ने शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को जमानत का आदेश दिया। ये सात मामले 2017 से 2019 के बीच पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में दर्ज हुए थे और इनमें UAPA, Arms Act तथा हत्या से जुड़े आरोप शामिल हैं।

करीब 9 साल से जेल में थे जोहल
जगतार सिंह जोहल को नवंबर 2017 में पंजाब में गिरफ्तार किया गया था। वह अपनी शादी के लिए भारत आए थे। अभियोजन पक्ष ने उन पर प्रतिबंधित Khalistan Liberation Force (KLF) से जुड़ी कथित साजिश को आर्थिक और लॉजिस्टिक मदद पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। जोहल ने इन आरोपों से इनकार किया है।
एक मामले में पहले हो चुके हैं बरी
मार्च 2025 में मोगा की एक अदालत ने जोहल समेत आठ लोगों को पंजाब पुलिस के एक मामले में बरी किया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस acquittal को मौजूदा मामलों में जमानत पर विचार करते समय महत्वपूर्ण माना।
कोर्ट ने ट्रायल में देरी पर भी गौर किया
Indian Express के मुताबिक, सात मामलों में 123 गवाहों में से अब तक 40 की गवाही दर्ज हुई थी। हाईकोर्ट ने लंबे समय से चल रही हिरासत और ट्रायल की धीमी गति को भी ध्यान में रखा।
जमानत के साथ कोर्ट ने कुछ शर्तें भी लगाई हैं। जोहल को अपना पासपोर्ट जमा करना होगा और उन्हें ऐसे WhatsApp समूह या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से दूर रहना होगा जहां “anti-national” सामग्री प्रसारित की जाती हो।
जगतार सिंह जोहल को 7 मामलों में जमानत मिली है, लेकिन इन मामलों में अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है। जमानत अदालत की ओर से हिरासत से बाहर रहने की अनुमति है; इसे आरोपों से बरी होने के बराबर नहीं माना जाता।

