लुधियाना -(मनदीप कौर)- शहर के वार्ड नंबर 87 स्थित बिंद्रा कॉलोनी में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां 15 वर्षीय वंश की स्विमिंग पूल के किनारे अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें वंश को घटना से कुछ समय पहले सामान्य हालत में देखा जा सकता है।
दोस्तों के साथ स्विमिंग के लिए गया था वंश

परिजनों के मुताबिक वंश अक्सर अपने दोस्तों के साथ स्विमिंग पूल जाता था। 29 अगस्त को भी वह दोपहर के बाद दोस्तों के साथ नजदीकी स्विमिंग पूल में पहुंचा था। बताया गया है कि वंश ने पूल में एक-दो बार डुबकी लगाई और इसके बाद बाहर किनारे पर बैठ गया।
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कुछ देर तक वह अपने दोस्त के साथ सामान्य रूप से बातचीत करता रहा। CCTV फुटेज में भी वह पहले बिल्कुल सामान्य दिखाई दे रहा था।
अचानक सिर पर हाथ रखकर बैठ गया
बताया जा रहा है कि कुछ देर बाद वंश को अचानक असहज महसूस होने लगा। उसने सिर के ऊपर हाथ रखकर अंगड़ाई ली और फिर उठकर चलने लगा। कुछ कदम चलने के बाद वह खुद को संभाल नहीं पाया और लड़खड़ाने लगा।
इसके बाद वह वापस मुड़ा और उसी जगह बैठ गया, जहां उसका दोस्त मौजूद था। वंश ने दीवार के सहारे सिर लगाया और उसकी आंखें बंद होने लगीं।
दोस्त ने बचाने की पूरी कोशिश की
वंश की हालत बिगड़ती देखकर उसके दोस्त ने तुरंत उसे संभालने की कोशिश की। करीब 10-15 सेकंड तक दोस्त उसे संभालता रहा, लेकिन जब वंश पूरी तरह बेहोश होकर गिर गया तो उसका हाथ दोस्त के हाथ से छूट गया।
इसके बाद दोस्त ने शोर मचाकर आसपास मौजूद अन्य बच्चों को बुलाया। बच्चों ने वंश को उठाने और होश में लाने की कोशिश की। कुछ लोगों ने उसके पैर भी मले और CPR देने का प्रयास किया, लेकिन तब तक वंश की मौत हो चुकी थी।
परिवार में पसरा मातम
वंश के परिजनों के अनुसार उसे पहले से हृदय से जुड़ी समस्या थी और उसका इलाज दिल्ली एम्स में चल रहा था। परिवार का कहना है कि इलाज के बाद उसकी हालत में काफी सुधार आया था और वह सामान्य जीवन जी रहा था।
परिवार में माता-पिता के अलावा वंश की एक छोटी बहन है। पिता कपड़े का कारोबार करते हैं। परिजन बताते हैं कि वंश दोस्तों के साथ अक्सर स्विमिंग करने जाता था और परिवार उसे खुश रखने की कोशिश करता था।
हरिद्वार में किया अंतिम संस्कार
परिजनों के मुताबिक घटना के बाद परिवार ने वंश का अंतिम संस्कार किया। शनिवार को उसकी अस्थियां विसर्जित करने के लिए परिजन हरिद्वार रवाना हुए।
यह घटना बच्चों की स्विमिंग के दौरान सुरक्षा और किसी भी अचानक स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में तत्काल मेडिकल सहायता की जरूरत को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

