जालंधर-(मनदीप कौर)- पंजाब के सरकारी शिक्षक आज यानी 14 सितंबर से दो दिवसीय विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे। शिक्षक 14 और 15 सितंबर को जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और डिप्टी कमिश्नरों (DC) के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन करेंगे। शिक्षकों का कहना है कि उन्हें लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाया जा रहा है, जिससे स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
गैर-शैक्षणिक कामों को लेकर शिक्षकों में नाराजगी

सरकारी शिक्षकों का आरोप है कि पढ़ाई के अलावा उन्हें कई तरह की अतिरिक्त जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। इससे शिक्षकों का समय विद्यार्थियों को पढ़ाने के बजाय दूसरे कामों में खर्च हो रहा है।
शिक्षकों ने मिड-डे मील फंड में देरी, GST बिलिंग से जुड़ी परेशानियों और स्कूलों में सफाई कर्मचारियों की कमी का मुद्दा भी उठाया है।
14 और 15 सितंबर को प्रदर्शन
शिक्षक संगठनों की ओर से तय कार्यक्रम के अनुसार दोनों दिनों में जिला स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे। इस दौरान शिक्षक अपनी मांगों को प्रशासन के सामने रखेंगे और समस्याओं का समाधान करने की मांग करेंगे।
शिक्षकों का कहना है कि स्कूलों में जरूरी फंड और स्टाफ उपलब्ध करवाने के साथ-साथ शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियों से राहत दी जानी चाहिए।
पढ़ाई प्रभावित होने का दावा
शिक्षक संगठनों का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देना है, लेकिन लगातार बढ़ते गैर-शैक्षणिक कार्यों के कारण शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
अब देखना होगा कि 14-15 सितंबर के प्रदर्शन के बाद सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों की मांगों पर क्या कदम उठाया जाता है।

