जालंधर -(मनदीप कौर)- नॉर्दर्न रेलवे के बड़ौदा हाउस के अंतर्गत आने वाली ब्रिज वर्कशॉप, जालंधर कैंट के सीनियर सेक्शन इंजीनियर (SSE) को कथित रिश्वत मांगने के मामले में CBI ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अधिकारी ठेकेदार से प्रत्येक बिल पर 2 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे थे। रिश्वत नहीं देने पर ठेकेदार के बिल लंबित रखे गए और विभिन्न आपत्तियां लगाकर कार्य में देरी की गई।
शिकायतकर्ता ठेकेदार हेमंत बंसल का आरोप है कि उनके करीब 50 से 60 लाख रुपये के बिल लंबित हैं। उनका कहना है कि छह महीने में पूरा होने वाला कार्य दो साल बाद भी अधूरा है। पहले उन्होंने रेलवे अधिकारियों से शिकायत की थी, जहां एक सप्ताह के भीतर बिलों की जांच कर क्लियर करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद कथित तौर पर उन्हें परेशान किया जाता रहा।

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इसके बाद 21 जुलाई को ठेकेदार ने CBI में शिकायत दर्ज कराई। CBI टीम ने शिकायत के साथ उपलब्ध कराए गए दस्तावेज, ऑडियो और वीडियो साक्ष्यों की जांच की। जांच के दौरान कथित बातचीत में लंबित बिलों पर कार्रवाई और भविष्य में पेनल्टी न लगाने के बदले 66 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप सामने आया।
CBI ने कार्रवाई करते हुए ब्रिज वर्कशॉप में छापा मारा और सीनियर सेक्शन इंजीनियर मिलिंद कुमार को गिरफ्तार कर लिया। एजेंसी ने कई घंटे पूछताछ करने के बाद लंबित बिलों और अन्य जरूरी दस्तावेजों को भी अपने कब्जे में ले लिया। मामले की आगे की जांच जारी है।
वहीं, शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनसे नए और लंबित बिलों पर लगातार कमीशन मांगा जाता था। रिश्वत देने से इनकार करने पर काम में बाधाएं खड़ी की गईं, भारी जुर्माना लगाया गया और कार्य समय पर पूरा नहीं होने दिया गया।
नोट: यह मामला आरोपों और CBI की कार्रवाई पर आधारित है। जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि होगी।

