जालंधर-(मनदीप कौर)- लुधियाना में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के कथित अपमान के विरोध में आज जालंधर बंद की कॉल दी गई। बंद का असर सुबह से ही शहर के कई प्रमुख बाजारों में दिखाई दिया और बड़ी संख्या में दुकानों के शटर बंद रहे।
दलित समाज की ओर से बंद के साथ-साथ शहर में रोष मार्च भी निकाला जा रहा है। संगठनों का कहना है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली किसी भी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

सुबह 9 से शाम 5 बजे तक बंद
जानकारी के अनुसार जालंधर को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रखने का ऐलान किया गया है। बंद के दौरान शहर के प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
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वहीं अस्पतालों और मेडिकल स्टोर जैसी जरूरी सेवाओं को बंद से छूट दी गई है। बच्चों की परीक्षाओं को देखते हुए स्कूल-कॉलेजों को भी पूरी तरह बंद नहीं करवाया गया, हालांकि कुछ स्कूलों में बंद की कॉल के चलते छुट्टी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
सरकारी दफ्तरों और बैंकों को भी बंद रखने की बात कही गई है। लोगों की परेशानी को देखते हुए बंद के दौरान हाईवे जाम नहीं किया गया।
अलग-अलग यूनियनों ने दिया समर्थन
बंद के दौरान नगर निगम की अलग-अलग यूनियनों के सदस्य भी सड़कों पर एकत्रित हुए। यूनियन प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका उद्देश्य आम लोगों को परेशान करना नहीं है, बल्कि घटना के विरोध में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाना है।
यूनियन नेताओं का कहना है कि शरारती तत्वों द्वारा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाकर माहौल खराब करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लोगों से बंद के दौरान शांति बनाए रखने की अपील भी की।
डॉ. अंबेडकर चौक पर मुख्य धरना
बंद के दौरान जालंधर के डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर मुख्य धरना रखा गया है। विभिन्न संगठनों के सदस्य यहां एकत्रित होकर घटना के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करवा रहे हैं।
पुलिस प्रशासन की ओर से प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है, ताकि बंद और रोष प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।

