जालंधर -(मनदीप कौर)- पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (Powercom) ने औद्योगिक और बड़े व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए बिजली कनेक्शन प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में अहम फैसला लिया है। नए निर्देशों के तहत अब 11 केवी इंडिपेंडेंट फीडर से जुड़े मामलों में भविष्य के संभावित लोड बढ़ने का अनुमान लगाकर फाइलों को लंबित रखने की बाध्यता खत्म कर दी गई है। इससे नए बिजली कनेक्शन और लोड बढ़ाने की मंजूरी पहले की तुलना में अधिक तेजी से मिल सकेगी।
क्या था पुराना नियम?
पहले जब कोई उद्योग या बड़ा उपभोक्ता 11 केवी लाइन पर नया कनेक्शन या अतिरिक्त लोड के लिए आवेदन करता था, तब अधिकारियों को उस फीडर पर भविष्य में बढ़ने वाले संभावित लोड का भी आकलन करना पड़ता था। कई मामलों में इसी कारण आवेदन वेटिंग में चले जाते थे और मंजूरी मिलने में लंबा समय लग जाता था।
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नए नियम से क्या बदलेगा?
नई व्यवस्था के अनुसार 11 केवी इंडिपेंडेंट फीडर वाले मामलों में भविष्य के लोड ग्रोथ की शर्त लागू नहीं होगी। अब अधिकारी केवल मौजूदा तकनीकी स्थिति के आधार पर आवेदन का निर्णय ले सकेंगे, जिससे फाइलों का निपटारा तेज़ होगा और अनावश्यक देरी कम होगी।
किन उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा?
इस फैसले का सबसे अधिक लाभ बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं, 500 KVA से अधिक बिजली मांग वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और संस्थागत उपभोक्ताओं को मिलेगा। जो उपभोक्ता पहले से 11 केवी इंडिपेंडेंट फीडर का उपयोग कर रहे हैं या नया कनेक्शन लेना चाहते हैं, उन्हें अब मंजूरी प्रक्रिया में राहत मिलने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
Powercom के इस फैसले से पंजाब में उद्योगों और बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए बिजली कनेक्शन प्रक्रिया अधिक सरल और तेज़ होने की संभावना है। इससे निवेश, औद्योगिक गतिविधियों और नए प्रोजेक्ट्स को भी गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

