चंडीगढ़ -(मनदीप कौर )- चंडीगढ़ में करीब दो महीने पहले हुए प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी कुब्बाहेड़ी हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हत्या की साजिश रचने वाली अमरीन राय पंजाब भाजपा से जुड़ी हुई थी और पिछले दो सालों से पार्टी में सक्रिय थी। वह खुद को समाज सेविका भी बताती थी।
जानकारी के मुताबिक अमरीन राय पंजाब के एक ADGP की रिश्तेदार भी है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि 8 एकड़ जमीन को लेकर चल रहे विवाद के कारण अमरीन और चमनप्रीत के बीच तनाव बढ़ गया था। अमरीन को शक था कि प्रॉपर्टी डील में उसके साथ धोखा हुआ है और उसे जमीन का कब्जा नहीं दिया गया, जिससे उसे भारी नुकसान हुआ।
इसी रंजिश के चलते अमरीन ने कथित तौर पर बंबीहा गैंग के गैंगस्टर लक्की पटियाल को चमनप्रीत की हत्या के लिए 50 लाख रुपये की सुपारी दी। हालांकि इस मामले में गैंगस्टर लक्की पटियाल ने ऑडियो जारी कर दावा किया कि उसने कोई पैसे नहीं लिए और पुलिस दबाव में कहानी बनाई जा रही है। उसने कहा कि अगर कोई पैसे लेने का सबूत दे दे तो वह रकम लौटाने को तैयार है।
पुलिस ने जांच के दौरान एक पिस्टल बरामद की, जो अमरीन राय के नाम पर रजिस्टर्ड बताई जा रही है। इसके बाद मामले में उसकी भूमिका और संदिग्ध हो गई। पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए, जिसके बाद पुलिस ने इस केस को कॉन्ट्रैक्ट किलिंग से जोड़कर जांच तेज कर दी है।
वहीं, इस मामले में हरशप्रीत नाम के आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं 25, 54 और 59 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और हत्या में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
दूसरी तरफ मृतक चमनप्रीत सिंह के परिवार ने गहरा दुख जताया है। परिवार का कहना है कि अगर जमीन को लेकर कोई विवाद था तो बातचीत से हल निकाला जा सकता था। उन्होंने कहा कि उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी कि जिस व्यक्ति की भलाई चाहते थे, वही उनके बेटे की जान का दुश्मन बन जाएगा।

