लुधियाना -(मनदीप कौर)- चर्चित Dilroz Kaur murder case में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने करीब ढाई साल की बच्ची Dilroz Kaur की हत्या के मामले में दोषी Neelam की मौत की सजा को 30 साल की कठोर कैद में बदल दिया है। यह सजा बिना premature release/remission के होगी। कोर्ट ने दोषसिद्धि बरकरार रखते हुए ₹50,000 का जुर्माना भी लगाया है।
यह मामला 28 नवंबर 2021 का है। अभियोजन के अनुसार, Neelam बच्ची को स्कूटर पर लेकर गई थी और बाद में उसे एक गड्ढे में जिंदा दफनाने का मामला सामने आया था। पुलिस जांच में CCTV फुटेज और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर Neelam को गिरफ्तार किया गया था।

लुधियाना की Sessions Court ने अप्रैल 2024 में Neelam को हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी। उस समय अदालत ने मामले को ‘rarest of rare’ श्रेणी में माना था।
इसके बाद Neelam ने High Court में अपील की। हाईकोर्ट ने दोषसिद्धि को बरकरार रखा, लेकिन मौत की सजा को 30 साल की rigorous imprisonment में बदल दिया। कोर्ट के आदेश के अनुसार इस अवधि में premature release/remission नहीं होगी।
High Court के फैसले में क्या खास?
हाईकोर्ट ने अपराध की गंभीरता को स्वीकार करते हुए भी death penalty की जगह 30 साल की कठोर कैद का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी ध्यान में रखा कि सजा का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि सुधार और आत्मचिंतन की संभावना को भी ध्यान में रखना है।

