पंचकूला:-(ब्यूरो रिपोर्ट)- सेक्टर-11 स्थित अलिफ लैला नाइट क्लब फायरिंग केस की जांच अब कथित अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेरर नेटवर्क तक पहुंच गई है। हरियाणा एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने मामले में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है। अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के कब्जे से वाहन, हथियार, मोबाइल फोन, नकदी गिनने वाली मशीनें और 529 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है।
अलिफ लैला क्लब फायरिंग से शुरू हुई जांच

मामले की शुरुआत 13 सितंबर की रात पंचकूला के सेक्टर-11 स्थित अलिफ लैला क्लब में हुई फायरिंग की घटना से हुई थी। फायरिंग में एक युवती घायल हुई थी और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
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शुरुआती जांच में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी गुरप्रीत सिंह उर्फ काकू को पंजाब के खरड़ से गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल जिगाना पिस्टल, 8 जिंदा कारतूस और XUV-500 बरामद किए गए थे।
ATS जांच में 529 ग्राम हेरोइन बरामद
आगे की जांच में मामला सिर्फ क्लब फायरिंग तक सीमित नहीं रहा। हरियाणा ATS के मुताबिक अब तक आरोपियों से 529 ग्राम चिट्टा/हेरोइन, एक XUV, एक स्कॉर्पियो, एक मोटरसाइकिल, एक US-made पिस्टल, एक 30 बोर पिस्टल, 3 कैश काउंटिंग मशीन, 5 मोबाइल फोन और 12 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
ATS के अनुसार जांच में ऐसे नेटवर्क के बारे में जानकारी सामने आई है जिसमें कथित तौर पर विदेश में बैठे हैंडलरों से संपर्क और स्थानीय स्तर पर हथियार व नशीले पदार्थ पहुंचाने की व्यवस्था शामिल थी। इन दावों की जांच अभी जारी है।
फायरिंग की जांच में सामने आया नेटवर्क
पुलिस के अनुसार क्लब में हुई फायरिंग के दौरान कुछ युवकों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद कथित तौर पर पिस्टल से फायर किया गया और एक युवती घायल हुई।
इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी के दौरान पुलिस को कथित हथियार सप्लाई नेटवर्क से जुड़े सुराग मिले। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच ATS को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है।
आगे भी हो सकती हैं गिरफ्तारियां
ATS के मुताबिक आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच एजेंसी कथित सप्लाई चेन, हथियारों और नशीले पदार्थों के स्रोत तथा विदेश में बैठे संभावित हैंडलरों से संपर्क की पड़ताल कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर और गिरफ्तारियां तथा बरामदगी हो सकती है। फिलहाल मामले में सामने आए नार्को-टेरर नेटवर्क से जुड़े दावे जांच एजेंसी के अनुसार हैं और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

