नई दिल्ली -(ब्यूरो रिपोर्ट)- राजधानी दिल्ली के प्रमुख सराफा बाजार कूचा महाजनी, चांदनी चौक में नगर निगम की कार्रवाई से व्यापारियों में हड़कंप मच गया। MCD ने गुरुवार को इलाके में स्थित 56 ज्वेलरी और सराफा दुकानों को सील कर दिया। व्यापारियों का कहना है कि सील की गई दुकानों के भीतर करोड़ों रुपये का सोना, चांदी और अन्य कीमती आभूषण रखे हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई शहर में खतरनाक और नियमों के विपरीत संचालित हो रही इमारतों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। यह अभियान सत्त्यानिकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद तेज किया गया है, जिसमें सात लोगों की जान चली गई थी।

पुराने नोटिस को लेकर व्यापारियों ने उठाए सवाल
ऑल इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश सिंघल के मुताबिक, दुकानों पर सीलिंग से पहले नोटिस लगाए गए थे। व्यापारियों का दावा है कि इनमें से कुछ नोटिस पुराने हैं। एसोसिएशन ने मई 2026 में जारी एक नोटिस का भी हवाला दिया, जिसमें बेसमेंट के कथित गलत इस्तेमाल को रोकने और संपत्ति को मास्टर प्लान-2021 के तहत अनुमत उपयोग में लाने के निर्देश दिए गए थे।
व्यापारियों का आरोप है कि MCD और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और कई इमारतों में मौजूद दुकानों पर कार्रवाई कर दी। उनका कहना है कि कार्रवाई के दौरान दुकानदारों को अपनी दुकानों के भीतर रखे कीमती सामान को निकालने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाया।
करोड़ों के गहने दुकानों के अंदर बंद
सराफा कारोबारियों के अनुसार, सील की गई दुकानों में बड़ी मात्रा में सोने और चांदी के आभूषण मौजूद हैं। त्योहारों का सीजन नजदीक होने के कारण व्यापारियों की चिंता और बढ़ गई है। उनका कहना है कि इस समय बाजार में बड़ी मात्रा में स्टॉक रखा जाता है और दुकानें बंद होने से कारोबार पर सीधा असर पड़ेगा।
व्यापारी संगठन ने सवाल उठाया है कि अगर इमारतों में नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया सभी संबंधित पक्षों पर लागू होनी चाहिए। फिलहाल इस कार्रवाई को लेकर MCD की ओर से तत्काल विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
त्योहारी सीजन से पहले बढ़ी परेशानी
चांदनी चौक का कूचा महाजनी देश के प्रमुख ज्वेलरी बाजारों में गिना जाता है। ऐसे समय में जब त्योहारों के कारण बाजार में खरीदारी बढ़ने की उम्मीद है, बड़ी संख्या में दुकानों के सील होने से व्यापारियों के सामने नई परेशानी खड़ी हो गई है।
अब कारोबारियों की नजर इस बात पर है कि MCD की कार्रवाई के बाद सील दुकानों को खोलने और अंदर रखे कीमती सामान तक पहुंच की क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है।

