चंडीगढ़ – (मनदीप कौर)- पंजाब सरकार के कर्मचारियों और कर्मचारी संगठनों के बीच चल रहे विवाद में बुधवार को बड़ा अपडेट सामने आया है। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच हुई बैठक के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल वापस लेने का फैसला किया है।
बैठक के दौरान कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच कई मुद्दों पर सहमति बनी है और आने वाले दिनों में बाकी मांगों पर भी बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।

सरकार ने कारण बताओ नोटिस वापस लिया
बैठक के बाद सरकार की ओर से 27 अगस्त को जारी कारण बताओ नोटिस वापस लेने का फैसला भी सामने आया है। इससे पहले कर्मचारियों ने इस नोटिस का विरोध किया था।
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सरकार ने हड़ताल के दौरान कर्मचारियों को कार्यालय से अनुपस्थित रहने और काम प्रभावित करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी। कर्मचारियों को निर्धारित अवधि में काम नहीं करने पर उस अवधि का वेतन नहीं दिए जाने की बात भी कही गई थी।
कर्मचारियों की मांगों पर आगे होगी बातचीत
बैठक में कर्मचारी संगठनों ने DA समेत अपनी विभिन्न मांगें सरकार के सामने रखीं। अब इन मुद्दों को लेकर आगे भी बातचीत जारी रहने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार, कर्मचारियों की जल्द ही मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ बैठक हो सकती है। इस बैठक में कर्मचारियों की लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है।
पहले 11 सितंबर तक हड़ताल का था फैसला
कर्मचारी संगठनों ने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में 11 सितंबर तक सामूहिक छुट्टी लेकर हड़ताल जारी रखने का फैसला किया था। इससे पहले 8 सितंबर को हड़ताल का ऐलान किया गया था।
हड़ताल के कारण सरकारी कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हुआ और आम लोगों को भी सरकारी सेवाओं से जुड़े काम करवाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। अब सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच हुई बातचीत के बाद हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया गया है।
अब सबकी नजर मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ होने वाली आगामी बैठक पर है, जिसमें कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर आगे का रास्ता तय किया जा सकता है।

