चंडीगढ़ -(मनदीप कौर)- पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और पंजाब पुलिस के बीच ₹348 करोड़ के कथित CLU मनी लॉन्ड्रिंग मामले को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। ED ने पंजाब के DGP से एक बार फिर FIR दर्ज करने की मांग की है। वहीं पंजाब पुलिस ने एजेंसी से उन आरोपों और दस्तावेजों का पूरा आधार मांगा है, जिनके आधार पर FIR दर्ज करने को कहा गया है। मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में आज यानी 3 सितंबर 2026 को सुनवाई होनी है।
ED ने हाईकोर्ट में दाखिल किया 200 पन्नों का जवाब

ED ने हाईकोर्ट में करीब 200 पन्नों का जवाब दाखिल किया है। एजेंसी ने कहा है कि पंजाब DGP को उपलब्ध कराया गया रिकॉर्ड FIR दर्ज करने के लिए पर्याप्त है। ED के जवाब में 150 से अधिक पन्नों की WhatsApp चैट भी शामिल होने की बात सामने आई है।
यह भी पढ़े:-अमृतसर में नशे पर बड़ा प्रहार: 2 किलो 591 ग्राम हेरोइन बरामद, 2 आरोपी गिरफ्तार
ED का कहना है कि उसने PMLA की धारा 66(2) के तहत संबंधित जानकारी पंजाब पुलिस के साथ साझा की है। एजेंसी ने FIR दर्ज करने में देरी से सबूतों के साथ छेड़छाड़ की आशंका भी जताई है।
पंजाब पुलिस ने दस्तावेजों पर उठाए सवाल
रिपोर्टों के मुताबिक पंजाब पुलिस ने पहले ED की ओर से उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों को स्पष्ट नहीं होने की बात कही थी और अतिरिक्त जानकारी मांगी थी। इसके बाद ED ने हाईकोर्ट में अपना विस्तृत जवाब दाखिल करते हुए कहा कि उपलब्ध कराई गई सामग्री कानूनी प्रावधानों के अनुरूप है।
अब हाईकोर्ट यह भी देखेगा कि ED ने DGP को क्या-क्या जानकारी भेजी और पंजाब सरकार व पुलिस इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करना चाहती है। कोर्ट ने पंजाब सरकार और संबंधित एजेंसियों से जवाब मांगा है।
₹348 करोड़ के CLU मामले से जुड़ा है पूरा विवाद
यह मामला मोहाली के Suntec City प्रोजेक्ट से जुड़े कथित CLU घोटाले की जांच से निकला है। ED के अनुसार, करीब 108.58 एकड़ कृषि भूमि के लिए कथित तौर पर फर्जी consent letters के आधार पर CLU मंजूरी हासिल की गई। एजेंसी ने कथित अपराध की रकम करीब ₹348 करोड़ आंकी है।
ED ने इस मामले में रियल एस्टेट कारोबारी अजय सहगल के खिलाफ PMLA के तहत कार्रवाई की है। एजेंसी का आरोप है कि कथित तौर पर ₹348 करोड़ की अपराध से अर्जित रकम को generate और conceal किया गया। ये सभी आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।
IAS अधिकारियों से भी हो चुकी है पूछताछ
इस जांच का दायरा अब प्रशासनिक अधिकारियों तक भी पहुंच चुका है। पंजाब कैडर के IAS अधिकारी कंवल प्रीत बराड़ से ED दो बार पूछताछ कर चुकी है, जबकि पूर्व पंजाब चीफ सेक्रेटरी और वर्तमान Additional Chief Secretary अनुराग वर्मा को भी ED ने पूछताछ के लिए समन भेजा था।
आज हाईकोर्ट में क्या होगा?
अब सबकी नजर 3 सितंबर की हाईकोर्ट सुनवाई पर है। मुख्य सवाल यह है कि ED द्वारा दिए गए दस्तावेजों और आरोपों के आधार पर पंजाब पुलिस FIR दर्ज करने की दिशा में क्या कदम उठाती है और राज्य सरकार इस पूरे विवाद पर क्या पक्ष रखती है।

