जालंधर -(मनदीप कौर)- जालंधर के फुटबॉल चौक स्थित जीएस होंडा शोरूम में नई Activa की सर्विस को लेकर ग्राहक और कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया। ग्राहक का आरोप है कि नई Activa में लगातार परेशानी आने के बावजूद उसकी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा था। मामले को लेकर शोरूम के बाहर काफी हंगामा हुआ और ग्राहक ने अपनी शिकायत को लेकर विरोध जताया।
24 दिन पहले खरीदी थी नई Activa

जानकारी के अनुसार, सेंट्रल टाउन निवासी दीपक ने करीब 24 दिन पहले जीएस होंडा शोरूम से नई Activa खरीदी थी। ग्राहक का कहना है कि वाहन खरीदने के बाद से ही उसे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दीपक के मुताबिक, Activa की टंकी फुल करवाकर वह घूमने के लिए निकला था, लेकिन रास्ते में स्कूटर में समस्या आने लगी। ग्राहक का दावा है कि वह एक बड़े सड़क हादसे से बाल-बाल बचा।
नई Activa की सर्विस को लेकर उठे सवाल
घटना के बाद ग्राहक Activa को ठीक करवाने के लिए शोरूम पहुंचा। वहां उसने कर्मचारियों के सामने वाहन की समस्या रखी। ग्राहक का आरोप है कि उसे उचित समाधान नहीं मिला और उसे लगातार शोरूम के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
दीपक का कहना है कि Activa की सर्विस भी सही तरीके से नहीं की जा रही है और उसने वाहन का नंबर लेकर अलग से पैसे देने की बात भी कही।
200 रुपये के पेट्रोल को लेकर भी विवाद
मामला उस समय और गरमा गया जब शोरूम की ओर से ग्राहक को नई Activa में शुरुआती दो महीने तक 200 रुपये का पेट्रोल भरवाने की बात कही गई।
वहीं, ग्राहक का आरोप है कि नई Activa में पहले से ही परेशानी आ रही है और इसके बावजूद उसे पेट्रोल को लेकर अलग से बात कही जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर ग्राहक और शोरूम कर्मचारियों के बीच बहस हुई।
शोरूम के बाहर लगा हंगामा
विवाद बढ़ने के बाद शोरूम के बाहर काफी लोग जमा हो गए। ग्राहक ने अपनी शिकायत को लेकर विरोध जताया और Activa पर पोस्टर भी लगाए।
पोस्टर में वाहन में 200 रुपये से अधिक पेट्रोल न भरने की अपील की गई। ग्राहक का कहना है कि वह अपनी समस्या का समाधान चाहता है और नई Activa की तकनीकी परेशानी दूर की जानी चाहिए।
ग्राहक और शोरूम की ओर से अलग-अलग दावे
इस मामले में ग्राहक दीपक ने शोरूम कर्मचारियों पर उसके साथ गलत व्यवहार करने और वाहन की समस्या का समाधान नहीं करने के आरोप लगाए हैं। वहीं, शोरूम की ओर से पेट्रोल और वाहन की सर्विस को लेकर अलग पक्ष सामने रखा गया है।
ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित दस्तावेजों और वाहन की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

