जालंधर -( मनदीप कौर)- पंजाब में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया के बीच पूर्व राजदूत रमेश चंद्र को मतदाता सूची में अपना नाम बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिकता साबित करने संबंधी अतिरिक्त दस्तावेज जमा कराने का नोटिस मिला है। रमेश चंद्र का कहना है कि वह अपना आधार कार्ड, वोटर आईडी और अन्य जरूरी दस्तावेज पहले ही बूथ लेवल अधिकारी (BLO) को जमा करवा चुके हैं।
रमेश चंद्र को क्यों मिला SIR नोटिस?

प्राप्त नोटिस में कहा गया है कि रमेश चंद्र द्वारा उपलब्ध करवाए गए दस्तावेज उन्हें मतदाता के रूप में स्थापित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इसके चलते SIR प्रक्रिया के तहत उनसे नागरिकता संबंधी अतिरिक्त प्रमाण मांगा गया है।
वहीं, डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया के अनुसार यह एक औपचारिक प्रक्रिया है और इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए निर्धारित SOPs के अनुसार दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।
पूर्व राजदूत रमेश चंद्र ने क्या कहा?
देओल नगर निवासी और पूर्व राजदूत रमेश चंद्र ने बताया कि उन्होंने एशिया, अफ्रीका और यूरोप में विभिन्न राजनयिक पदों पर भारत की सेवा की है। सेवानिवृत्ति के बाद भी वह जालंधर में रह रहे हैं और पिछले कई वर्षों से यहां मतदान करते आ रहे हैं।
रमेश चंद्र के मुताबिक उन्होंने 2007, 2012, 2014, 2017, 2022 और 2024 में मतदान किया है। उनका कहना है कि इसके बावजूद अब SIR प्रक्रिया के तहत उनसे भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जा रहे हैं।
2003 में जापान में थे तैनात
रमेश चंद्र ने बताया कि वर्ष 2003 में वह जापान में सेवा दे रहे थे, जिसके कारण उस समय विदेश में तैनात थे। उन्होंने कहा कि उनका जन्म और पालन-पोषण जालंधर में हुआ है और उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद उन्होंने भारतीय विदेश सेवा में योगदान दिया।
पहले भी नवनदीप सूरी को मिला था ऐसा नोटिस
रिपोर्ट के अनुसार इससे पहले प्रसिद्ध पंजाबी उपन्यासकार नानक सिंह के पोते और पूर्व भारतीय राजदूत नवनदीप सूरी को भी इसी तरह का नोटिस मिला था। रमेश चंद्र ने इसी संदर्भ में कहा कि उन्हें भी लगा कि वह ऐसी ही स्थिति में हैं।
पंजाब में 20.69 लाख मतदाता बिना मैप किए गए
अधिकारियों के अनुसार SIR के पहले चरण के बाद पंजाब में करीब 20.69 लाख मतदाता बिना मैप किए गए हैं। इनमें जालंधर के करीब 1.46 लाख मतदाता शामिल हैं।
बिना मैप किए गए मतदाताओं के लिए SIR फॉलो-अप सत्यापन प्रक्रिया 12 सितंबर 2026 तक चलने की बात कही गई है। इसके बाद 12 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

