पंजाब -(मनदीप कौर)- पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन ने आंदोलन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। 26 अगस्त तक कलम छोड़ और कंप्यूटर बंद हड़ताल जारी रहेगी, जबकि 27 अगस्त को पंजाब महाबंद के दौरान सरकारी व अर्ध-सरकारी कार्यालयों के मिनिस्टीरियल कर्मचारी सामूहिक छुट्टी लेकर कामकाज बंद रखेंगे।
पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन की प्रदेश स्तरीय ऑनलाइन बैठक प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह विरक और प्रदेश महासचिव तरसेम सिंह भट्ठल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विभिन्न विभागीय संगठनों के पदाधिकारियों और जिला स्तर के नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में चल रहे कर्मचारी आंदोलन की समीक्षा के बाद आने वाले दिनों के कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई।

26 अगस्त तक जारी रहेगा कलम छोड़ आंदोलन
यूनियन ने फैसला किया है कि 17 अगस्त से चल रही कलम छोड़ और कंप्यूटर बंद हड़ताल को 26 अगस्त तक बढ़ाया जाएगा। यूनियन नेताओं का कहना है कि आंदोलन को कर्मचारियों का व्यापक समर्थन मिल रहा है और सरकार की ओर से मांगों पर स्पष्ट कार्रवाई न होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।
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इससे पहले भी पंजाब में मिनिस्टीरियल कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कई सरकारी कार्यालयों में नियमित प्रशासनिक काम प्रभावित हुआ है।
27 अगस्त को सामूहिक छुट्टी, सरकारी दफ्तरों में कामकाज बंद
यूनियन ने ऐलान किया है कि 27 अगस्त के पंजाब महाबंद के दौरान पंजाब के सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले मिनिस्टीरियल कर्मचारी सामूहिक छुट्टी लेकर कार्यालय बंद रखेंगे।
इसके अलावा 24 अगस्त को जिला स्तर के नेता विभिन्न विभागों में जाकर कर्मचारियों को महाबंद में शामिल होने के लिए लामबंद करेंगे। 25 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर रोष रैलियां और मार्च निकाले जाएंगे। यूनियन के अनुसार इस दौरान कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किए जाएंगे और पुतले भी फूंके जाएंगे।
26 अगस्त को कर्मचारी अपनी सीटें छोड़कर धरना देंगे और कार्यालयी काम का पूरी तरह बहिष्कार करेंगे।
DA और अन्य मांगों को लेकर बढ़ रहा दबाव
पंजाब के सरकारी कर्मचारी लंबे समय से महंगाई भत्ते (DA), वेतन आयोग के बकाया, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, कर्मचारियों को नियमित करने और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार कर्मचारियों का DA और वेतन बकाया एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब सरकार पर DA और वेतन बकाया को लेकर 18,000 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी का अनुमान बताया गया है। वहीं कर्मचारी संगठनों ने लंबित 18 प्रतिशत DA और अन्य बकाया जारी करने की मांग उठाई है।
सोशल मीडिया अभियान भी होगा तेज
यूनियन ने सरकार की ओर से कर्मचारियों की तनख्वाह और मांगों को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे कथित भ्रम को दूर करने के लिए पैंफलेट, पोस्टर और होर्डिंग लगाने का फैसला किया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर कर्मचारी आंदोलन से जुड़ी मुहिम को भी तेज किया जाएगा।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह विरक ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जुड़े कर्मचारियों के संबंध में दिए गए फैसलों और अदालत की कार्यप्रणाली को लेकर की गई टिप्पणियों पर भी आपत्ति जताई और अदालत से इस मामले में गंभीर संज्ञान लेने की अपील की।
कई कर्मचारी संगठनों के समर्थन का दावा
यूनियन ने दावा किया है कि क्लास-4 कर्मचारियों से लेकर ड्राइवरों और क्लास-1 अधिकारियों-कर्मचारियों से जुड़ी कुछ संगठनों ने भी 27 अगस्त के महाबंद को समर्थन देने का भरोसा दिया है।
ऐसे में 27 अगस्त को पंजाब में सरकारी कार्यालयों का कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। अब सभी की नजर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली बातचीत तथा 27 अगस्त से पहले किसी समाधान पर टिकी है।

