जालंधर -(मनदीप कौर)- श्री सिद्ध शक्तिपीठ श्री देवी तालाब मंदिर में हुई पथराव की घटना को लेकर मामला लगातार गरमाता जा रहा है। दो दिन पहले नगर निगम के मेयर वनीत धीर की शुक्राना यात्रा के दौरान मंदिर परिसर में कुछ शरारती तत्वों द्वारा ईंट-पत्थर फेंकने की घटना सामने आई थी। इस मामले को लेकर संत समाज और श्री देवी तालाब मंदिर प्रबंधन समिति ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में शिकायत सौंपते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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भारत साधु समाज के महंत बंसीदास ने कहा कि श्री देवी तालाब मंदिर करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां प्रतिदिन देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु माता श्री त्रिपुरमालिनी जी के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे पवित्र धार्मिक स्थल पर पथराव और हंगामा जैसी घटनाएं बेहद निंदनीय हैं।
संत समाज का कहना है कि इस घटना से श्रद्धालुओं में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा हुआ है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा विषय है।
वहीं पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मंदिर परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। आरोपियों की पहचान कर उनकी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

