जालंधर-(मनदीप कौर)-पंजाब में नई बिजली दरें लागू, शाम को बिजली इस्तेमाल करने पर देना होगा अतिरिक्त शुल्क
पंजाब में बढ़ती बिजली मांग और गर्मियों के दौरान बिजली व्यवस्था को संतुलित बनाए रखने के लिए पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने नई टाइम ऑफ डे (ToD) टैरिफ व्यवस्था लागू कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत दिन के अलग-अलग समय में बिजली की दरें अलग होंगी, जिससे उपभोक्ताओं और उद्योगों को अपने बिजली उपयोग का समय तय करने में मदद मिलेगी।
नई व्यवस्था के अनुसार शाम के व्यस्त घंटों में बिजली की खपत पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा, जबकि रात के समय बिजली का उपयोग करने वालों को राहत दी जाएगी। यह फैसला विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां बिजली की खपत बड़े स्तर पर होती है।
क्या है Time of Day (ToD) टैरिफ?
टाइम ऑफ डे टैरिफ ऐसी व्यवस्था है जिसमें 24 घंटे को अलग-अलग समय खंडों में बांटा जाता है। बिजली की मांग अधिक होने वाले समय को पीक आवर्स और कम मांग वाले समय को ऑफ-पीक आवर्स कहा जाता है। इसी आधार पर बिजली की दरें तय की जाती हैं।
सरल शब्दों में कहें तो जिस समय बिजली की मांग ज्यादा होगी, उस समय बिजली महंगी होगी और जब मांग कम होगी, तब बिजली अपेक्षाकृत सस्ती मिलेगी।
शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक देना होगा अतिरिक्त शुल्क
नई व्यवस्था के तहत शाम 6 बजे से रात 10 बजे के बीच बिजली की खपत को पीक आवर्स माना गया है। इस दौरान बिजली उपयोग करने वाले औद्योगिक उपभोक्ताओं को सामान्य दरों के अलावा प्रति यूनिट (kWh) 2 रुपये अतिरिक्त सरचार्ज देना होगा।
बिजली विभाग का मानना है कि इससे शाम के समय बढ़ने वाले लोड को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और बिजली आपूर्ति व्यवस्था अधिक प्रभावी बन सकेगी।
रात में बिजली उपयोग करने वालों को मिलेगा फायदा
रात के समय बिजली की मांग कम होने के कारण उपभोक्ताओं और उद्योगों को विशेष रियायत दी गई है। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बिजली उपयोग करने पर कम दरों का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही फिक्स्ड चार्ज में भी बड़ी छूट प्रदान की गई है।
इस कदम का उद्देश्य उद्योगों को रात के समय उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना और दिन के समय बिजली ग्रिड पर पड़ने वाले दबाव को कम करना है।
जालंधर के उद्योगों पर पड़ेगा सीधा असर
जालंधर के फोकल प्वाइंट, कपूरथला रोड, लेदर कॉम्प्लेक्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों की छोटी, मध्यम और बड़ी इकाइयों पर इस नई नीति का सीधा प्रभाव देखने को मिलेगा। उद्योगपतियों को अब अपने उत्पादन शेड्यूल में बदलाव करना पड़ सकता है ताकि बिजली लागत को कम किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि जो फैक्ट्रियां अपनी मुख्य शिफ्ट रात के समय संचालित करेंगी, उन्हें बिजली बिल में राहत मिल सकती है।
बिजली संकट से निपटने की तैयारी
हर वर्ष गर्मियों के दौरान बिजली की मांग बढ़ने से बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है। विभाग को उम्मीद है कि इससे बिजली की मांग का बेहतर प्रबंधन होगा, ट्रिपिंग और अनियोजित बिजली कटौती की घटनाओं में कमी आएगी तथा उद्योगों को अधिक स्थिर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
निष्कर्ष
पंजाब में लागू की गई नई Time of Day टैरिफ व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य बिजली की बढ़ती मांग को संतुलित करना और उपभोक्ताओं को बिजली उपयोग के बेहतर विकल्प देना है। जहां शाम के समय बिजली उपयोग महंगा होगा, वहीं रात में सस्ती बिजली का लाभ उद्योगों और बड़े उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आएगा। आने वाले दिनों में इसका प्रभाव पंजाब के औद्योगिक और बिजली क्षेत्र में स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकता है।

