अमृतसर -(मनदीप कौर)- पंजाब के अमृतसर में ड्यूटी के दौरान मारे गए ASI हरजीत सिंह के हत्याकांड की जांच के बीच पुलिस और संदिग्धों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ में मामले के आरोपी दीपक सिंह निवासी मुलेचक की गोली लगने के बाद मौत हो गई, जबकि उसका दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
पुलिस के अनुसार, ASI हरजीत सिंह की हत्या के बाद जांच के दौरान CCTV फुटेज, तकनीकी इनपुट, टावर-डंप विश्लेषण और स्थानीय खुफिया जानकारी की मदद से संदिग्धों की पहचान की गई थी।

पुलिस का कहना है कि 19 सितंबर की रात करीब 9:45 बजे दो संदिग्धों को स्कूटर पर जाते हुए एक नाके पर रुकने का इशारा किया गया। पुलिस के मुताबिक, संदिग्धों ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग की और वहां से भाग निकले। इसके बाद दूसरे नाके पर भी फायरिंग हुई, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की।
इस दौरान दीपक सिंह को गोली लगी। पुलिस के मुताबिक उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके से .30 बोर की पिस्तौल, दो मैगजीन, आठ जिंदा कारतूस, एक मोबाइल फोन और एक्टिवा स्कूटर बरामद करने का दावा किया है।
इससे पहले ASI हरजीत सिंह की 18 सितंबर को अमृतसर की दाना मंडी में ड्यूटी के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक वह रात की गश्त पर तैनात थे। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें लगाई थीं।
पुलिस इस मामले में दूसरे संदिग्ध की तलाश कर रही है। साथ ही जांच एजेंसियां मामले में पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क से कथित कनेक्शन की भी जांच कर रही हैं। पुलिस ने इस संबंध में कुछ दावे किए हैं, जबकि इस पहलू की जांच अभी जारी है।
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