जालंधर -(मनदीप कौर)- जालंधर: पंजाब में बिजली संकट के बीच जालंधर के औद्योगिक इलाकों में भी बिजली कटौती का असर दिखाई दे रहा है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक जालंधर, लुधियाना, मंडी गोबिंदगढ़ और मोहाली के MSME तथा बड़े औद्योगिक संस्थानों में रोजाना 4 घंटे या उससे अधिक की कटौती की शिकायत सामने आई है।
कोयले की कमी और तकनीकी खराबी बनी वजह

रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में बिजली उत्पादन पर कोयले की कमी और कुछ थर्मल यूनिटों में तकनीकी खराबी का असर पड़ा है। सोमवार को राज्य का कुल बिजली उत्पादन करीब 4,585 MW तक गिर गया था, जबकि बिजली की मांग लगभग 15,983 MW बताई गई।
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राजपुरा थर्मल प्लांट की 1,400 MW क्षमता वाली परियोजना भी कोयले का स्टॉक कम होने के कारण करीब आधी क्षमता पर चल रही थी। वहीं रोपड़ और लेहरा मोहब्बत के एक-एक यूनिट में तकनीकी दिक्कत के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ।
Jalandhar की इंडस्ट्री ने की 24 घंटे बिजली की मांग
जालंधर में औद्योगिक संगठनों ने लगातार और बिना पूर्व सूचना बिजली कटौती पर चिंता जताई है। इंडस्ट्री प्रतिनिधियों के अनुसार अचानक बिजली जाने से continuous manufacturing process प्रभावित हो रहे हैं, उत्पादन का नुकसान हो रहा है और डीजल जनरेटर जैसे वैकल्पिक इंतजामों से लागत बढ़ रही है।
उद्योग संगठनों ने सरकार और PSPCL से औद्योगिक क्षेत्रों में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि रात के समय लंबे कट के कारण औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।
सरकार और केंद्र के दावों में अंतर
बिजली संकट को लेकर एक महत्वपूर्ण बात यह है कि केंद्र के कोयला मंत्रालय ने पंजाब के सरकारी थर्मल प्लांटों में पर्याप्त कोयला उपलब्ध होने का दावा किया है। PIB के अनुसार 4 सितंबर तक PSPCL के प्लांटों में कोयला स्टॉक निर्धारित मानक का करीब 117% था।
वहीं दूसरी तरफ निजी बिजली संयंत्रों में कम कोयला स्टॉक और उत्पादन संबंधी समस्याओं की रिपोर्ट सामने आई है। ऐसे में बिजली संकट की वास्तविक वजह कोयला आपूर्ति, निजी प्लांटों का उत्पादन और तकनीकी खराबियों के संयुक्त असर से जुड़ी दिखाई दे रही है।
जालंधर के लोगों और कारोबारियों की नजर अब PSPCL पर
लगातार बिजली कटौती के बीच जालंधर की इंडस्ट्री को उम्मीद है कि बिजली आपूर्ति जल्द सामान्य होगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि औद्योगिक इलाकों में लंबे और अनिश्चित कट कब खत्म होंगे।

