कुरुक्षेत्र: शाहाबाद में धान की सरकारी खरीद शुरू न होने का मुद्दा अब सड़क पर पहुंच गया है। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के आह्वान पर किसान मंगलवार को शाहाबाद में एकत्र हुए और धान की सरकारी खरीद जल्द शुरू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। किसानों ने दिल्ली-चंडीगढ़ NH-44 पर जाम लगाने का ऐलान किया था।
धान खरीद शुरू न होने से किसानों में नाराजगी

किसानों का कहना है कि मंडियों में धान पहुंचना शुरू हो चुका है, लेकिन सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के कारण उन्हें अपनी फसल बेचने में परेशानी हो रही है।
इससे पहले किसानों और प्रशासन के बीच हुई बैठक में 20 सितंबर तक धान की सरकारी खरीद शुरू कराने का आश्वासन दिया गया था। तय समय तक खरीद शुरू न होने पर BKU चढ़ूनी ने 22 सितंबर को शाहाबाद में आंदोलन और हाईवे जाम करने की घोषणा की थी।
हाईवे पर पुलिस की बैरिकेडिंग
किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने पहले से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी। शाहाबाद में पुलिस ने बैरिकेडिंग की और किसानों के संभावित जमावड़े को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की तैयारी की गई थी।
आपके उपलब्ध स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान पुलिस और किसानों के बीच नोकझोंक हुई और पुलिस द्वारा वॉटर कैनन तथा आंसू गैस के गोले इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है। हालांकि इस हिस्से की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में नहीं मिली है।
गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने उठाई खरीद शुरू करने की मांग
BKU चढ़ूनी के नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी सहित किसान नेताओं का कहना है कि सरकार ने पहले खरीद शुरू करने का भरोसा दिया था, लेकिन समय पर खरीद शुरू नहीं हुई।
किसान संगठनों ने मांग की है कि मंडियों में पहुंच रही धान की फसल की सरकारी खरीद जल्द शुरू की जाए, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए इंतजार न करना पड़े।
सरकार की ओर से क्या कहा गया?
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया है कि मंडियों में इस समय आने वाली धान की बड़ी मात्रा बासमती है और औपचारिक खरीद फसल की फील्ड वेरिफिकेशन पूरी होने के बाद शुरू की जाएगी।
फिलहाल शाहाबाद में किसानों के प्रदर्शन के चलते हाईवे पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है और प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

