नई दिल्ली -(मनदीप कौर)- NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र लगातार परीक्षा में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

इसी बीच केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से NEET पेपर लीक संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है।
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सरकार के अनुसार, नए प्रावधानों के तहत पेपर लीक, संगठित नकल और परीक्षा में धोखाधड़ी करने वाले दोषियों के खिलाफ अधिकतम 10 वर्ष की जेल और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य परीक्षा माफिया पर सख्त कार्रवाई करना और छात्रों का भरोसा दोबारा मजबूत करना है।
वहीं, आंदोलन के दौरान एक निहंग सिख का बयान भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि वे केवल छात्रों और अपनी बहनों को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन में शामिल हुए हैं और उनका किसी राजनीतिक संगठन से कोई संबंध नहीं है। उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि नया कानून लागू होने के बाद परीक्षा प्रणाली में कितना बदलाव आता है और क्या इससे पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सकेगी।

