जालंधर -(मनदीप कौर)- बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से शुक्रवार को पंजाब बंद का आह्वान किया गया। इसका जालंधर शहर में कई जगह असर देखने को मिला। हालांकि पूरे शहर में बंद का असर एक जैसा नहीं रहा। कुछ बाजारों में दुकानें बंद नजर आईं, जबकि कुछ स्थानों पर जरूरी सामान और दवा की दुकानें खुली दिखाई दीं।
बंद के दौरान शहर की कई प्रमुख सड़कों पर सामान्य दिनों के मुकाबले सन्नाटा देखने को मिला। बाजारों में दुकानों के शटर नीचे रहे और लोगों की आवाजाही भी कम दिखाई दी।

गुरु नानक मिशन चौक और रामामंडी में धरना
कौमी इंसाफ मोर्चा से जुड़े जत्थेबंदियों की ओर से गुरु नानक मिशन चौक और रामामंडी चौक पर धरना देकर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों की ओर से बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर लोगों से बंद में सहयोग करने की अपील की गई।
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प्रदर्शन के दौरान शहर के प्रमुख रास्तों पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति भी बनी। हाईवे पर कुछ स्थानों पर वाहनों की आवाजाही रोकने और वाहन खड़े किए जाने की बात सामने आई।
बंदी सिंहों की रिहाई और पैरोल की मांग
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग जेलों में सजा काट रहे बंदियों की रिहाई और पैरोल से जुड़ी है। कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से बलवंत सिंह राजोआना, जगतार सिंह हवारा और गुरदीप सिंह खेड़ा समेत अन्य बंदियों को लेकर मांगें उठाई गई हैं।
प्रदर्शनकारियों की ओर से बलवंत सिंह राजोआना की सजा और जगतार सिंह हवारा की रिहाई व पैरोल का मुद्दा भी उठाया गया। इसके अलावा आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग भी सामने आई।
स्कूल-कॉलेज और बाजारों पर भी असर
बंद की अपील के चलते जालंधर शहर में कई स्कूल-कॉलेज पहले से बंद किए गए थे। वहीं बाजारों की स्थिति जगह-जगह अलग रही। कुछ इलाकों में दुकानें पूरी तरह बंद नजर आईं, जबकि कुछ स्थानों पर दवा और फोटो स्टेट जैसी जरूरी सेवाओं से जुड़ी दुकानें खुली दिखाई दीं।
पटेल चौक स्थित फ्लावर मार्केट भी खुली दिखाई दी। इससे साफ है कि शहर में बंद का असर मिला-जुला रहा और सभी बाजार पूरी तरह बंद नहीं रहे।
जरूरी सेवाओं को रास्ता देने की अपील
प्रदर्शन के दौरान जत्थेबंदियों की ओर से लोगों से बंद में सहयोग करने की अपील की गई। साथ ही जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों, अस्पताल, एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं को रास्ता देने की बात कही गई।
फिलहाल जालंधर में पंजाब बंद को लेकर स्थिति अलग-अलग इलाकों में अलग दिखाई दे रही है। लोगों को किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा करने के बजाय स्थानीय प्रशासन और संबंधित संस्थानों से ताजा जानकारी लेने की सलाह दी जाती है।

