जालंधर -(मनदीप कौर)– बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से बुलाए गए पंजाब बंद का शुक्रवार को जालंधर में भी असर देखने को मिला। शहर के कई प्रमुख स्थानों पर दुकानें बंद नजर आईं और सुबह से ही मुख्य मार्गों पर यातायात की रफ्तार धीमी रही।
जालंधर में गुरु नानक मिशन चौक और रामामंडी चौक पर धरना देकर यातायात रोका गया। प्रदर्शन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को कई जगह परेशानी का सामना करना पड़ा।

बंदी सिंहों की रिहाई और जगतार सिंह हवारा को पैरोल की मांग
प्रदर्शनकारियों की ओर से बंदी सिंहों की रिहाई की मांग उठाई गई। मीडिया से बातचीत में प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जेलों में बंद बंदी सिंहों को रिहा किया जाना चाहिए।
इसके अलावा जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने और 15 अगस्त को चंडीगढ़ में प्रदर्शन के दौरान दर्ज किए गए मामलों को वापस लेने की मांग भी उठाई गई।
जालंधर कैंट के पास भी रास्ते प्रभावित
पंजाब बंद के दौरान जालंधर कैंट के पास कई रास्ते बंद किए जाने की जानकारी सामने आई। वहीं जालंधर बस अड्डा भी पहले से बंद रहा। निजी स्कूलों में छुट्टी रही, जबकि सरकारी स्कूलों में कुछ विद्यार्थी पहुंचते दिखाई दिए।
हालांकि, पूरे पंजाब में स्कूल-कॉलेजों को लेकर किसी एक समान बंद आदेश की पुष्टि नहीं बताई गई है। ऐसे में अभिभावकों और विद्यार्थियों को अपने जिले के प्रशासन या संबंधित शिक्षण संस्थान से जानकारी लेने के बाद ही घर से निकलने की सलाह दी गई।
हाईवे पर ट्रक खड़े कर बढ़ाई गई जाम की स्थिति
रास्ते बंद होने के बाद हाईवे पर खड़े ट्रक चालकों ने अपने वाहनों के आगे अन्य वाहन भी खड़े कर दिए। इससे जाम की स्थिति और गंभीर हो गई। कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालांकि बंद के दौरान अस्पताल, एंबुलेंस, दवा की दुकानों और अन्य जरूरी आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को रास्ता देने की व्यवस्था की गई।
लोगों से प्रशासन से जानकारी लेने की अपील
पंजाब बंद के कारण कई इलाकों में यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के चलते लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और घर से निकलने से पहले अपने क्षेत्र की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई।

