जालंधर -(मनदीप कौर)- जालंधर को स्मार्ट सिटी कहा जाता है, लेकिन शहर के बाबू जगजीवन राम चौंक से सामने आया एक मामला नशे के खिलाफ चल रही मुहिम पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। यहां स्थित सिविल अस्पताल के बाहर नशे की कथित सप्लाई और बिक्री कैमरे में रिकॉर्ड की गई है।
पत्रकारों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जब पूरे मामले को कैमरे में रिकॉर्ड किया तो वहां कथित तौर पर नशीले पदार्थ की खरीद-फरोख्त होती दिखाई दी। सबसे हैरानी की बात यह है कि यह गतिविधि किसी सुनसान जगह पर नहीं, बल्कि सिविल अस्पताल के बाहर और बाबू जगजीवन राम चौक जैसे सार्वजनिक स्थान पर दिखाई दी।

कैमरे में कैद हुआ नशे की सप्लाई का पूरा मामला
मौके पर बनाए गए वीडियो में कथित तौर पर कुछ लोग नशीले पदार्थ की सप्लाई करते हुए नजर आए। कैमरे के सामने हुई इस गतिविधि ने जालंधर में नशे के नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि जिस जगह पर यह गतिविधि रिकॉर्ड हुई, उसके आसपास आम लोगों की आवाजाही रहती है और सिविल अस्पताल भी मौजूद है।
यानी सवाल सिर्फ नशे की सप्लाई का नहीं, बल्कि यह भी है कि इतने व्यस्त इलाके में इस तरह की गतिविधि आखिर किसकी नजर से बच रही थी?
‘नशा मुक्त पंजाब’ के दावों के बीच जमीनी तस्वीर क्या कहती है?
पंजाब में सरकार की ओर से लगातार नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई और प्रदेश को नशा मुक्त बनाने की बात कही जाती है। लेकिन जालंधर के बाबू जगजीवन राम चौक से सामने आया यह कैमरा फुटेज उन दावों की जमीनी स्थिति पर सवाल खड़े करता है।
अगर पत्रकारों की टीम के कैमरे के सामने सार्वजनिक स्थान पर नशीले पदार्थ की कथित बिक्री हो सकती है, तो फिर नियमित पुलिस गश्त और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है।
थाना-5 पुलिस की जानकारी में है मामला?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल जालंधर के थाना-5 की पुलिस को लेकर है।
- क्या पुलिस को बाबू जगजीवन राम चौक में चल रही इस कथित नशे की सप्लाई की जानकारी है?
- क्या पुलिस ने पहले भी यहां कार्रवाई की है?
- अगर पुलिस को जानकारी थी तो कैमरे के सामने ऐसी गतिविधि दिखाई देने तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
- अगर पुलिस को जानकारी नहीं थी, तो यह सवाल और भी गंभीर हो जाता है कि शहर में नशे की गतिविधियों पर पुलिस की निगरानी किस स्तर तक है।
सिविल अस्पताल के बाहर नशे की सप्लाई, प्रशासन के लिए चुनौती
सिविल अस्पताल जैसी सार्वजनिक और संवेदनशील जगह के बाहर नशे की कथित सप्लाई का कैमरे में रिकॉर्ड होना प्रशासन के लिए भी गंभीर चुनौती है।
नशे के कारण पंजाब के युवाओं पर पड़ रहे असर को देखते हुए ऐसे मामलों में सिर्फ बयान नहीं, बल्कि मौके पर जाकर जांच और कार्रवाई की जरूरत है।
अब देखना यह होगा कि थाना-5 पुलिस और जालंधर प्रशासन इस कैमरा फुटेज के सामने आने के बाद क्या कार्रवाई करता है।
कैमरा फुटेज ने उठाए कई बड़े सवाल
इस पूरे मामले में कैमरे पर रिकॉर्ड हुई गतिविधि ने जालंधर में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई की वास्तविकता पर चर्चा छेड़ दी है।
सवाल सीधे हैं—
- बाबू जगजीवन राम चौक में नशे की कथित सप्लाई किसकी निगरानी में चल रही थी?
- सिविल अस्पताल के बाहर ऐसी गतिविधि पुलिस की नजर में क्यों नहीं आई?
- थाना-5 पुलिस ने अब तक इस मामले में क्या कार्रवाई की?
- क्या कैमरा फुटेज के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच होगी?
- सरकार के ‘नशा मुक्त पंजाब’ अभियान का असर जालंधर के इस इलाके में कब दिखाई देगा?
फिलहाल इस मामले में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। पुलिस की ओर से जांच या कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद खबर को अपडेट किया जाएगा।

