जालंधर -(मनदीप कौर)- प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जालंधर जोनल कार्यालय ने फर्जी कॉल सेंटर के जरिए विदेशी नागरिकों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ED ने PMLA, 2002 के तहत 187.13 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। इनमें हरियाणा, दिल्ली और गोवा में स्थित कई मकान, फार्म हाउस और विला शामिल हैं।
यह जांच सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। यह एफआईआर अमेरिका की जांच एजेंसी से मिली जानकारी के बाद दर्ज की गई थी। आरोप है कि गिरोह ने अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों डॉलर की ठगी की

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जांच में सामने आया कि “Digikaps – The Future of Digital” नाम से एक अवैध कॉल सेंटर चलाया जा रहा था, जहां करीब 36 कर्मचारी काम करते थे। गिरोह के संचालक कर्मचारियों से अमेरिकी लोगों को टेक्निकल सपोर्ट के नाम पर कॉल करवाते थे। इसके बाद लोगों की निजी जानकारी हासिल कर उन्हें आईआरएस (अमेरिकी टैक्स विभाग) की कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे क्रिप्टो खातों में जमा करवाए जाते थे।
जांच एजेंसियों के अनुसार, ठगी से जुटाई गई रकम को क्रिप्टो वॉलेट के जरिए अलग-अलग कंपनियों तक पहुंचाया गया और बाद में उससे कई महंगी संपत्तियां खरीदी गईं।
इस मामले में जनवरी और फरवरी 2026 में पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के 13 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। कार्रवाई के दौरान कई डिजिटल उपकरण, 34 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी और अहम दस्तावेज बरामद हुए थे।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने अवैध कमाई को हरियाणा, दिल्ली और गोवा में रियल एस्टेट में निवेश किया। इसी के आधार पर ED ने 187.13 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

