जालंधर -(मनदीप कौर)- जालंधर कैंट इलाके में देर रात शराब तस्करी के खिलाफ एक्साइज विभाग की कार्रवाई के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब टीम ने कथित शराब तस्कर के घर पर रेड की। बताया जा रहा है कि मौके पर भारी मात्रा में शराब मौजूद थी।
रेड के दौरान हालात उस समय और गंभीर हो गए, जब कथित तौर पर टीम का विरोध करते हुए गाली-गलौच की गई। इतना ही नहीं, एक्साइज टीम पर हमला करने का भी आरोप लगाया जा रहा है। जिस टीम का काम अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करना है, अगर उसी टीम को मौके पर विरोध और हमले का सामना करना पड़े तो यह कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

शराब तस्करों के हौसले इतने बुलंद कैसे?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर शराब तस्करी में शामिल लोगों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए कि कार्रवाई करने पहुंची सरकारी टीम के सामने ही कथित तौर पर हंगामा और बदसलूकी करने से भी पीछे नहीं हटे?
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क्या इन लोगों को कानून का कोई डर नहीं रहा? या फिर इनके पीछे किसी प्रभावशाली व्यक्ति का हाथ है? आखिर कौन है जो इन कथित तस्करों के हौसलों को इतना मजबूत कर रहा है?
मौके पर प्रधान की मौजूदगी ने बढ़ाए सवाल
इस पूरे मामले में एक और बात चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया जा रहा है कि जब एक्साइज विभाग की टीम कार्रवाई कर रही थी, उस समय जालंधर कैंट इलाके के प्रधान भी मौके पर मौजूद थे।
प्रधान वहां किस वजह से मौजूद थे और पूरी कार्रवाई के दौरान उनकी क्या भूमिका रही, यह जांच का विषय है। फिलहाल उनकी मौजूदगी ने मामले को लेकर कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
अवैध शराब के कारोबार पर कौन लगाएगा लगाम?
अगर किसी इलाके में भारी मात्रा में शराब कथित तौर पर किसी ठिकाने से बरामद होती है और कार्रवाई करने पहुंची टीम के साथ ही विरोध और कथित बदसलूकी की जाती है, तो यह सिर्फ एक रेड का मामला नहीं रह जाता। यह सवाल बन जाता है कि आखिर अवैध शराब के कारोबार में सक्रिय लोगों को इतना भरोसा किस बात का है?
अब देखना होगा कि एक्साइज विभाग इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करता है और कथित शराब तस्करों के साथ-साथ टीम से बदसलूकी व हमले के आरोपों की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।

