जालंधर -(मनदीप कौर)- शहर के श्रीराम अस्पताल में 18 वर्षीय टीबी पीड़िता के इलाज को लेकर विवाद सामने आया है। युवती के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ पर इलाज के दौरान बदसलूकी करने तथा भारी-भरकम बिल मांगने के आरोप लगाए हैं।
पीड़िता की मां सबीना के अनुसार उनकी 18 वर्षीय बेटी प्रीति टीबी की समस्या से पीड़ित है। वह करीब चार दिन पहले इलाज और रूटीन चेकअप के लिए उसे सिविल अस्पताल से श्रीराम अस्पताल लेकर पहुंची थीं। परिवार का आरोप है कि सरकारी अस्पताल ले जाने के बजाय उन्हें निजी अस्पताल में भेज दिया गया।

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परिजनों का कहना है कि उन्होंने पहले ही अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में अस्पताल के डॉक्टरों को जानकारी दे दी थी। इसके बावजूद युवती को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया और करीब चार दिनों में लगभग 46 हजार रुपये का बिल बना दिया गया।
परिवार का आरोप है कि जब उन्होंने पैसे की समस्या बताते हुए बच्ची को डिस्चार्ज करने की गुहार लगाई तो अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ की ओर से कथित तौर पर उनके साथ बदसलूकी और गाली-गलौज की गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें मरीज से मिलने नहीं दिया जा रहा था।
मामला बढ़ने पर परिजनों ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से युवती की स्थिति और इलाज के संबंध में स्पष्ट जानकारी देने की मांग की है। वहीं, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।

