चंडीगढ़ -(मनदीप कौर)- पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व ED डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह और पूर्व DSP बलविंदर सिंह सेखों अकाली दल वारिस पंजाब दे में शामिल हो गए। दोनों को चंडीगढ़ में पार्टी नेताओं की मौजूदगी में संगठन में शामिल कराया गया।
निरंजन सिंह ने अपने संबोधन में पंजाब में नशे की समस्या, युवाओं के भविष्य और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि युवाओं को सही दिशा दिखाना जरूरी है और समाज के अलग-अलग वर्गों को इसमें भूमिका निभानी चाहिए।

नशे के मुद्दे पर बोले निरंजन सिंह
निरंजन सिंह ने अपने ED कार्यकाल के दौरान पंजाब से जुड़े नशे और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच का जिक्र किया। रिपोर्टों के अनुसार, वह जगदीश भोला ड्रग मामले की जांच से भी जुड़े रहे थे और इसी दौरान तत्कालीन पंजाब राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से पूछताछ की थी।
उन्होंने पंजाब में नशे के खिलाफ जागरूकता और युवाओं को हिंसा से दूर रखने की जरूरत पर जोर दिया।
18 से 20 साल के युवाओं पर विशेष जोर
निरंजन सिंह ने कहा कि 18 से 20 साल की उम्र के युवाओं को उनके भविष्य और सही रास्ते के बारे में समझाने की जरूरत है। उन्होंने धार्मिक और सामाजिक नेताओं के साथ-साथ पंजाबी गायकों और फिल्म कलाकारों से भी युवाओं को सकारात्मक दिशा देने की अपील की।
राजनीतिक भविष्य पर क्या बोले?
विधानसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर निरंजन सिंह ने कहा कि उन्होंने अभी इस बारे में फैसला नहीं किया है। उनका कहना है कि वह राजनीतिक व्यक्ति नहीं हैं और राजनीति में आने की उनकी पहले इच्छा भी नहीं थी।
वहीं, वारिस पंजाब दे में शामिल होने को लेकर उन्होंने पंजाब में नशे के मुद्दे पर संगठन के रुख को अपने फैसले का एक कारण बताया।
बलविंदर सेखों भी संगठन में शामिल
पूर्व DSP बलविंदर सिंह सेखों भी निरंजन सिंह के साथ वारिस पंजाब दे में शामिल हुए। दोनों के शामिल होने के मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और समर्थकों की मौजूदगी रही।

