पंजाब के युवाओं को सही दिशा देने की जरूरत
मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने पंजाब के युवाओं को सही दिशा देने और उन्हें हिंसा से दूर रखने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 18 से 20 साल की उम्र के युवाओं को अपने भविष्य और सही रास्ते को समझने में परिवार, समाज और जिम्मेदार लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

बिट्टा ने राजनीतिक और सामाजिक नेताओं से अपील करते हुए कहा कि युवाओं को हथियारों और हिंसा से दूर रखने के लिए सकारात्मक माहौल तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाबी गायक, फिल्म कलाकार और धार्मिक उपदेशक भी युवाओं पर प्रभाव डालते हैं और उन्हें सकारात्मक सोच की ओर प्रेरित करने में भूमिका निभा सकते हैं।
पुलिस की भूमिका पर भी बोले बिट्टा
बिट्टा ने कहा कि हर घटना के लिए केवल पुलिस को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने पुलिसकर्मियों के सामने आने वाली चुनौतियों और ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले अधिकारियों का भी जिक्र किया।
यह टिप्पणी अमृतसर में ASI हरजीत सिंह की हत्या के बाद सामने आए सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े सवालों के बीच महत्वपूर्ण है। हरजीत सिंह की ड्यूटी के दौरान गोली मारकर हत्या की गई थी और बाद में पुलिस ने मामले के एक आरोपी को मुठभेड़ में मार गिराने की जानकारी दी थी।
हरजीत सिंह हत्याकांड पर क्या बोले?
हरजीत सिंह की हत्या के लिए जिम्मेदारी तय करने के सवाल पर बिट्टा ने कहा कि इसके लिए केवल पुलिस को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने समाज के अलग-अलग वर्गों, राजनीतिक नेताओं और धार्मिक नेताओं की भी जिम्मेदारी पर जोर दिया।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन पंजाब में शांति और युवाओं के भविष्य के मुद्दे पर सभी को मिलकर काम करना चाहिए।
परिवार और समाज की भूमिका अहम
बिट्टा ने कहा कि युवाओं को यह समझाना जरूरी है कि उनके फैसलों का असर उनके परिवार और पूरे समाज पर पड़ता है। उन्होंने परिवारों से भी अपील की कि वे युवाओं की गतिविधियों और संगत पर ध्यान दें तथा उन्हें सकारात्मक दिशा देने का प्रयास करें।
उन्होंने पंजाब में शांति और तरक्की को प्राथमिकता देने तथा युवाओं को हिंसा और गलत रास्तों से दूर रखने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत बताई।

