जालंधर -( मनदीप कौर )-दिल्ली नेशनल हाईवे पर गोराया ओवरब्रिज के पास देर रात करीब 3:30 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हादसा इतना भयानक था कि एक बाइक आगे चल रहे पार्सल ट्रक के पीछे जा टकराई और बाइक ट्रक के नीचे करीब 10 फीट तक अंदर घुस गई।
हादसे में बाइक सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। तीनों युवक सड़क पर खून से लथपथ हालत में पड़े मिले।

112 कंट्रोल रूम से मिली हादसे की सूचना
सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) के अधिकारियों के अनुसार, रात में 112 कंट्रोल रूम से हादसे की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची।
मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि स्प्लेंडर बाइक पार्सल ट्रक के नीचे फंसी हुई थी, जबकि तीनों युवक सड़क पर पड़े थे। बाइक और ट्रक को हटाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। बाद में हाईड्रा की मदद से दोनों वाहनों को अलग किया गया।
108 एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया
हादसे के बाद तीनों युवकों को 108 एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्रारंभिक जांच में हादसे की असली वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या हाईवे पर अचानक ट्रक के ब्रेक लगाए गए थे या बाइक चालक समय रहते ब्रेक नहीं लगा पाया।
ट्रक चालक मौके से फरार
हादसे के बाद पार्सल ट्रक का चालक मौके पर नहीं मिला। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और हादसे की परिस्थितियों की जांच जारी है।
पुलिस के मुताबिक हादसे में शामिल बाइक का नंबर PB-10-KB-1280 है, जो लुधियाना RTO से संबंधित है।
तीनों युवक लुधियाना में करते थे काम
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों युवक लुधियाना में किसी फैक्ट्री में काम करते थे और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
पुलिस जांच के दौरान दो युवकों की पहचान साहिल पुत्र जयकरण और जितेंद्र कुमार पुत्र हरि नंदन के रूप में हुई है। तीसरे युवक की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। तीसरे युवक की पहचान और हादसे के सही कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
हादसे की वजह की जांच जारी
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बाइक ट्रक से किस परिस्थिति में टकराई। ट्रक चालक की तलाश के साथ-साथ हाईवे पर लगे कैमरों और अन्य तथ्यों की जांच भी की जा सकती है, ताकि हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सके।
नोट: हादसे की परिस्थितियों और जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

